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स्मार्त से जुड़े सभी प्रश्न(5)

स्मार्त पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 5 प्रश्न उपलब्ध हैं।

धर्म और आचार

श्रौत और स्मार्त में क्या अंतर है?

वेदश्रवण और वेदविहित यज्ञ से श्रौत, तथा शास्त्रार्थ-स्मरण और वर्णाश्रम नियम पालन से स्मार्त कहा गया है।

#श्रौत#स्मार्त#वेद
तिथि और मुहूर्त

स्मार्त और वैष्णव लोगों की रथ सप्तमी की तारीख में अंतर क्यों होता है?

तारीख के नियमों में फर्क के कारण ऐसा होता है। स्मार्त लोग सूरज निकलने के समय की तिथि मानते हैं, जबकि वैष्णव नियम के मुताबिक सप्तमी तिथि सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले शुद्ध रूप से शुरू हो जानी चाहिए।

#स्मार्त#वैष्णव#वेध नियम
सनातन संप्रदाय

स्मार्त संप्रदाय में पंचदेवोपासना क्या है

स्मार्त संप्रदाय में पंचदेवोपासना (पंचायतन) में एकसाथ शिव, विष्णु, शक्ति, गणेश और सूर्य की पूजा होती है। आदि शंकराचार्य ने इसे व्यवस्थित किया। सभी देव एक ही परमब्रह्म के रूप हैं।

#स्मार्त#पंचदेवोपासना#पंचायतन
पूजा पद्धति

स्मार्त पूजा पद्धति क्या है

स्मार्त = स्मृति ग्रंथों पर आधारित पद्धति। शंकराचार्य द्वारा व्यवस्थित। विशेषता: पंचायतन पूजा — शिव, विष्णु, सूर्य, गणेश, देवी — पाँचों में एक ब्रह्म। अद्वैत वेदान्त आधार। वैदिक कर्म + पौराणिक भक्ति का समन्वय। षोडशोपचार या पंचोपचार पूजा। सन्ध्यावन्दन अनिवार्य।

#स्मार्त#आदि शंकराचार्य#पंचायतन
शिव पूजा विधि

शिव पंचायतन पूजा में कौन कौन से देवता शामिल होते हैं?

5 देवता: शिव + विष्णु + गणेश + सूर्य + शक्ति (स्मार्त/शंकराचार्य)। शिव पंचायतन: मध्य शिव, ईशान विष्णु, आग्नेय सूर्य, नैऋत्य गणेश, वायव्य शक्ति। श्लोक: 'आदित्यं गणनाथं च देवीं रुद्रं च केशवम्...' गणेश पूजा अनिवार्य।

#पंचायतन#पांच देवता#स्मार्त
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