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विस्तृत उत्तर
श्रौत और स्मार्त का अंतर वेद और शास्त्र-आधारित आचरण से बताया गया है। वेदों का श्रवण करने से श्रौत और शास्त्रों के अर्थों का स्मरण करने से स्मार्त कहा गया है। वेदविहित यज्ञ आदि करने वाला श्रौत है, जबकि वर्णाश्रम से सम्बद्ध नियमों का पालन करने वाला स्मार्त है। इस प्रकार श्रौत वेद-विहित कर्म से और स्मार्त स्मृति-शास्त्र तथा वर्णाश्रम नियमों से सम्बद्ध है।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 10, PDF पृष्ठ 58, श्लोक 16
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