ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
धर्म और आचार📜 श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 10, PDF पृष्ठ 58, श्लोक 11-13⏱ 1 मिनट पठन

धर्म से अभीष्ट फल कैसे मिलता है?

अंतिम अपडेट: 29 मई 2026
संक्षिप्त उत्तर

आचार्य लोग जिस कर्म से अभीष्ट फल की प्राप्ति हो उसे धर्म और जिससे अनिष्ट मिले उसे अधर्म कहते हैं।

📖

विस्तृत उत्तर

धर्म से अभीष्ट फल इसलिए मिलता है क्योंकि धर्म कुशल और धारणयोग्य कर्म है। पाठ में आचार्य लोग जिस कर्म से अभीष्ट की प्राप्ति होती है उसे धर्म कहते हैं। इसके विपरीत जिससे अनिष्ट फल की प्राप्ति होती है, वह अधर्म कहा गया है। इसलिए धर्म का अर्थ केवल नियम नहीं, बल्कि ऐसा कर्म है जो हितकारी फल देता है और साधक को शास्त्रसम्मत मार्ग पर धारण करता है।

📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 10, PDF पृष्ठ 58, श्लोक 11-13
उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

धर्म से अभीष्ट फल कैसे मिलता है को संदर्भ सहित समझें

धर्म से अभीष्ट फल कैसे मिलता है का सबसे सीधा सार यह है: आचार्य लोग जिस कर्म से अभीष्ट फल की प्राप्ति हो उसे धर्म और जिससे अनिष्ट मिले उसे अधर्म कहते हैं।

धर्म और आचार जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है. उपलब्ध स्रोत श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 10, PDF पृष्ठ 58, श्लोक 11-13 इस दिशा को मजबूत आधार देता है।

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर का शास्त्रीय आधार देखने के लिए श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 10, PDF पृष्ठ 58, श्लोक 11-13 के उल्लेख को ध्यान से पढ़ें।

•

धर्म और आचार श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

धर्म और आचार प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

धर्मअभीष्ट फलअनिष्ट फलआचार्यकर्मश्रीलिङ्गमहापुराणपूर्वभाग अध्याय 10
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

धर्म से अभीष्ट फल कैसे मिलता है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको धर्म और आचार से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 10, PDF पृष्ठ 58, श्लोक 11-13 पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#धर्म#अभीष्ट फल#अनिष्ट फल#आचार्य#कर्म#श्रीलिङ्गमहापुराण#पूर्वभाग अध्याय 10