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तंत्र षट्कर्म📜 तंत्र शास्त्र, षट्कर्म1 मिनट पठन

तंत्र में आकर्षण कर्म कैसे किया जाता है?

संक्षिप्त उत्तर

'आकर्षित करना' — राजसिक। सात्विक: व्यक्तित्व, अवसर, ईश्वर आकर्षण ('क्लीं')। अनुचित: बलपूर्वक = पाप। 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' = सात्विक। विधि विवरण अनुचित।

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विस्तृत उत्तर

आकर्षण/वशीकरण = षट्कर्म दूसरा — 'खींचना/आकर्षित':

क्या: व्यक्ति/वस्तु/अवसर को अपनी ओर आकर्षित करना।

गुण: राजसिक।

सात्विक उपयोग

  1. 1व्यक्तित्व आकर्षण: वाक् सिद्धि, प्रभावशाली व्यक्तित्व — 'क्लीं' बीज।
  2. 2अवसर: नौकरी/व्यापार/विवाह — सकारात्मक आकर्षण।
  3. 3भक्ति: ईश्वर को आकर्षित करना = सर्वोत्तम आकर्षण!

अनुचित: किसी को बलपूर्वक/अनिच्छा से आकर्षित = पाप। स्वतंत्र इच्छा भंग = अनैतिक।

मंत्र (सात्विक): 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' — कृष्ण = सर्वआकर्षक। भक्ति + सात्विक व्यक्तित्व विकास।

needs_review: वशीकरण विधि = अनैतिक उपयोग संभव — विस्तृत विधि अनुचित।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, षट्कर्म
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