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तंत्र षट्कर्म📜 तंत्र शास्त्र, षट्कर्म1 मिनट पठन

तंत्र में उच्चाटन कर्म का प्रभाव कैसे काम करता है?

संक्षिप्त उत्तर

'उखाड़ना/हटाना' — स्थान/पद/मोह से। तामसिक (कर्म फल)। सात्विक: स्वयं की बुराई हटाना। सामान्य = केवल शांति कर्म। उच्चाटन = गुरु दीक्षित, कर्म बंधन, वर्जित। विधि गोपनीय।

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विस्तृत उत्तर

उच्चाटन = षट्कर्म पांचवां — 'उखाड़ना/हटाना':

क्या है: किसी व्यक्ति को उसके स्थान/पद/संबंध से हटाना। 'मन उचाट करना' = रुचि/मोह समाप्त।

प्रभाव (तंत्र मान्यता)

  • लक्ष्य व्यक्ति = अस्थिर, बेचैन, स्थान/कार्य छोड़ दे।
  • मंत्र ऊर्जा → लक्ष्य की मानसिक अस्थिरता।

गुण: तामसिक — कर्म फल लगता है।

सात्विक उपयोग (यदि कोई): बुरी आदत/व्यसन 'उच्चाटन' — स्वयं की बुराई हटाना।

सावधानी: षट्कर्म = गुरु दीक्षित तांत्रिक। सामान्य भक्त = केवल शांति कर्म (सात्विक)। उच्चाटन = तामसिक → कर्म बंधन → वर्जित।

needs_review: षट्कर्म विधि = गोपनीय + अनैतिक उपयोग संभव — विधि विवरण अनुचित।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, षट्कर्म
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