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तंत्र षट्कर्म📜 तंत्र शास्त्र, षट्कर्म, कर्म सिद्धांत1 मिनट पठन

तंत्र में मारण कर्म क्या है और इसका दुष्प्रभाव क्या होता है?

संक्षिप्त उत्तर

सर्वनिकृष्ट + सर्ववर्जित। दुष्प्रभाव: गंभीर कर्म बंधन, प्रतिघात (परिवार कष्ट), पागलपन, साधना पतन, IPC 302/307 (कानूनी अपराध)। 'जो मारे = वो मरे।' शांति = एकमात्र धर्म। विधि कभी न दें।

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विस्तृत उत्तर

मारण = षट्कर्म छठवां — सर्वनिकृष्ट + सर्ववर्जित:

क्या है: मंत्र/तंत्र द्वारा किसी की मृत्यु/गंभीर हानि। षट्कर्म में सबसे अंतिम + सबसे तामसिक।

दुष्प्रभाव (करने वाले पर)

  1. 1कर्म बंधन: सबसे गंभीर पाप। जन्मों तक भोगना।
  2. 2प्रतिघात: 'जो बोओ सो काटो' — मारण करने वाले का परिवार/स्वयं = गंभीर कष्ट (तांत्रिक मान्यता)।
  3. 3मानसिक: पागलपन, अवसाद, आत्मघाती प्रवृत्ति — तांत्रिक ऊर्जा backlash।
  4. 4आध्यात्मिक: साधना पथ से पतन — मोक्ष मार्ग बंद।
  5. 5कानूनी: IPC 302/307 — हत्या/हत्या प्रयास = कानूनी अपराध।

सामान्य भक्त: पूर्णतः + अनिवार्यतः वर्जित। विधि = कभी न जानें, न करें।

सार: 'जो मारे = वो मरे।' शांति = एकमात्र धर्म।

needs_review: अत्यंत संवेदनशील — विधि = कभी न दें।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, षट्कर्म, कर्म सिद्धांत
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