विस्तृत उत्तर
मारण = षट्कर्म छठवां — सर्वनिकृष्ट + सर्ववर्जित:
क्या है: मंत्र/तंत्र द्वारा किसी की मृत्यु/गंभीर हानि। षट्कर्म में सबसे अंतिम + सबसे तामसिक।
दुष्प्रभाव (करने वाले पर)
- 1कर्म बंधन: सबसे गंभीर पाप। जन्मों तक भोगना।
- 2प्रतिघात: 'जो बोओ सो काटो' — मारण करने वाले का परिवार/स्वयं = गंभीर कष्ट (तांत्रिक मान्यता)।
- 3मानसिक: पागलपन, अवसाद, आत्मघाती प्रवृत्ति — तांत्रिक ऊर्जा backlash।
- 4आध्यात्मिक: साधना पथ से पतन — मोक्ष मार्ग बंद।
- 5कानूनी: IPC 302/307 — हत्या/हत्या प्रयास = कानूनी अपराध।
सामान्य भक्त: पूर्णतः + अनिवार्यतः वर्जित। विधि = कभी न जानें, न करें।
सार: 'जो मारे = वो मरे।' शांति = एकमात्र धर्म।
needs_review: अत्यंत संवेदनशील — विधि = कभी न दें।





