विस्तृत उत्तर
स्तंभन = षट्कर्म तीसरा — 'रोकना/जमा देना':
परिस्थिति (तंत्र मान्यता)
- 1शत्रु स्तंभन: शत्रु की गति/क्रिया/वाक् रोकना।
- 2वाक् स्तंभन: विरोधी बोल न सके (कोर्ट/वाद-विवाद) — बगलामुखी विशेष।
- 3जल/अग्नि/वायु: प्राकृतिक शक्तियां रोकना (प्राचीन सिद्ध दावे)।
- 4रोग: रोग प्रगति रोकना (विष स्तंभन)।
गुण: राजसिक — शांति से ऊपर, मारण से नीचे।
बगलामुखी: स्तंभन देवी — 'ह्लीं' बीज = शत्रु वाक्+गति+बुद्धि स्तंभन। बगलामुखी पीताम्बरा = पीला (बृहस्पति/ज्ञान शक्ति)।
सामान्य भक्त: बगलामुखी जप = कोर्ट/शत्रु विजय = मान्य। षट्कर्म = गुरु।
needs_review: षट्कर्म = संवेदनशील।





