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तंत्र षट्कर्म📜 तंत्र शास्त्र, षट्कर्म1 मिनट पठन

तंत्र में स्तंभन कर्म किस परिस्थिति में किया जाता है?

संक्षिप्त उत्तर

'रोकना' — शत्रु गति/वाक्/क्रिया। कोर्ट/विवाद, रोग प्रगति। राजसिक। बगलामुखी = स्तंभन देवी ('ह्लीं')। सामान्य: बगलामुखी जप मान्य। षट्कर्म = गुरु। संवेदनशील।

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विस्तृत उत्तर

स्तंभन = षट्कर्म तीसरा — 'रोकना/जमा देना':

परिस्थिति (तंत्र मान्यता)

  1. 1शत्रु स्तंभन: शत्रु की गति/क्रिया/वाक् रोकना।
  2. 2वाक् स्तंभन: विरोधी बोल न सके (कोर्ट/वाद-विवाद) — बगलामुखी विशेष।
  3. 3जल/अग्नि/वायु: प्राकृतिक शक्तियां रोकना (प्राचीन सिद्ध दावे)।
  4. 4रोग: रोग प्रगति रोकना (विष स्तंभन)।

गुण: राजसिक — शांति से ऊपर, मारण से नीचे।

बगलामुखी: स्तंभन देवी — 'ह्लीं' बीज = शत्रु वाक्+गति+बुद्धि स्तंभन। बगलामुखी पीताम्बरा = पीला (बृहस्पति/ज्ञान शक्ति)।

सामान्य भक्त: बगलामुखी जप = कोर्ट/शत्रु विजय = मान्य। षट्कर्म = गुरु।

needs_review: षट्कर्म = संवेदनशील।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, षट्कर्म
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