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विस्तृत उत्तर
ब्रह्मा ने शिव का दर्शन गायत्री-उपासना से किया। उन्होंने शिव से कहा कि हे महादेव, मैंने गायत्री-उपासना से आपका दर्शन किया है। शिव ने आगे कहा कि ब्रह्मा ने उसी भक्तिसे उनका दर्शन प्राप्त किया। फिर ब्रह्मा ने ईश्वर को अपने हृदय में भावपूर्वक देखा और अचल भक्ति माँगी। शिव ने उन्हें वह भक्तिभाव प्रदान किया।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 10, PDF पृष्ठ 61, श्लोक 46-50
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