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शिव पूजा विधि⏱ 2 मिनट पठन

शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय कौन सा मंत्र पढ़ना चाहिए?

शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय प्रमुख मंत्र: 'ॐ नमः शिवाय' (सर्वसुलभ, शिव पुराण)। 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे. . . ' (महामृत्युंजय, यजुर्वेद)। 'ॐ तत्पुरुषाय विद्महे. .

संक्षिप्त उत्तर

शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय प्रमुख मंत्र: 'ॐ नमः शिवाय' (सर्वसुलभ, शिव पुराण)। 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...' (महामृत्युंजय, यजुर्वेद)। 'ॐ तत्पुरुषाय विद्महे...' (रुद्र गायत्री)। तांबे के लोटे से, उत्तर दिशा में मुख करके, छोटी धारा में जल अर्पित करें।

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विस्तृत उत्तर

शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय विभिन्न शास्त्रों में अलग-अलग मंत्रों का विधान बताया गया है:

1पंचाक्षर मंत्र (सर्वसुलभ)

'ॐ नमः शिवाय'

यह शिव पूजा का सर्वश्रेष्ठ और सबसे सरल मंत्र है। शिव पुराण के अनुसार इस मंत्र के जप से शिवलिंग पर जल चढ़ाने का पूर्ण फल प्राप्त होता है। सामान्य भक्तों के लिए यही मंत्र सर्वोत्तम है।

2महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

(ऋग्वेद 7.59.12, यजुर्वेद 3.60)

यह मंत्र आयु वृद्धि, रोग निवारण और मृत्यु भय से मुक्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। जलाभिषेक के समय इसका जप विशेष फलदायी है।

3रुद्र गायत्री मंत्र

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

यह मंत्र ध्यान और साधना करने वाले भक्तों के लिए विशेष है।

4शिव संकल्प मंत्र (जलाभिषेक हेतु)

'ॐ दारिद्र्य दुःख दहनाय नमः शिवाय'

यह मंत्र दरिद्रता और आर्थिक कष्ट निवारण हेतु जल चढ़ाते समय जपा जाता है।

5रुद्राष्टाध्यायी/नमकम्-चमकम् (विस्तृत विधि)

यजुर्वेद की रुद्राष्टाध्यायी में वर्णित 'नमकम्' और 'चमकम्' का पाठ करते हुए जलाभिषेक करना सर्वोच्च विधि मानी गई है। यह विधि सामान्यतः पंडितों/पुरोहितों द्वारा रुद्राभिषेक में प्रयोग की जाती है।

6एकादश रुद्र मंत्र

'ॐ नमो भगवते रुद्राय'

यह सरल रुद्र मंत्र भी जलाभिषेक के समय जपा जा सकता है।

जलाभिषेक के नियम

  • ▸जल सदैव तांबे के लोटे से छोटी धारा के रूप में चढ़ाएं।
  • ▸पूर्व दिशा की ओर मुख करके जल न चढ़ाएं — उत्तर दिशा सर्वोत्तम है।
  • ▸जल शिवलिंग पर एक बार में न उंडेलें, धीरे-धीरे धारा के रूप में अर्पित करें।
  • ▸शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल (सोमसूत्र/जलधारी से निकला जल) कभी न लांघें।
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