विस्तृत उत्तर
आक (मदार/अर्क/अकाव) के फूल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय हैं। शिव पुराण में इसका विशेष उल्लेख है:
शास्त्रीय महत्व
शिव पुराण के अनुसार जो भक्त भगवान शिव को सफेद आक का फूल अर्पित करते हैं, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। सफेद अकाव (श्वेतार्क) शिव पूजा में सर्वश्रेष्ठ फूलों में गिना जाता है।
लाभ
1. मोक्ष प्राप्ति: शिव पुराण में स्पष्ट: आक चढ़ाने से मोक्ष मार्ग प्रशस्त।
2. सांसारिक बाधा मुक्ति: आंकड़े (आक) के फूल से सांसारिक कष्टों और बाधाओं से छुटकारा मिलता है।
3. नकारात्मक ऊर्जा नाश: आक में विषैले गुण हैं — शिव को अर्पित करने से नकारात्मक शक्तियां नष्ट होती हैं।
4. गृह कलह शांति: शिव पुराण के अनुसार सोमवार को शिवलिंग पर आक का फूल चढ़ाने से परिवार में चल रही तकरार और गलतफहमियां दूर होती हैं।
5. ग्रह दोष शांति: राहु और शनि ग्रह से संबंधित दोषों में आक का फूल शिवलिंग पर चढ़ाना लाभकारी माना गया है।
विधि
- ▸सदैव सफेद आक का फूल चढ़ाएं (नीला आक भी स्वीकार्य)।
- ▸फूल ताजा, खिला हुआ और स्वच्छ हो — पहले जल से धोएं।
- ▸फूल का मुख आकाश की ओर और डंडी नीचे की ओर रखें (जैसे पेड़ पर उगता है)।
- ▸'ॐ नमः शिवाय' जपते हुए अर्पित करें।
- ▸आक की माला शिवलिंग पर चढ़ाना विशेष शुभ है।
सावधानी: आक विषैला पौधा है — पूजा के बाद हाथ धोएं, बच्चों से दूर रखें।





