विस्तृत उत्तर
सावन में रुद्राभिषेक अत्यंत विशेष और फलदायी:
क्यों विशेष
- 1श्रावणे पूजयेत शिवम्: सावन = शिव का सबसे प्रिय मास। इस मास में की गई कोई भी शिव पूजा विशेष फलदायी — रुद्राभिषेक तो सर्वोत्तम।
- 2रुद्राभिषेक = वैदिक मंत्रों से अभिषेक: यजुर्वेद रुद्राष्टाध्यायी के मंत्रों के उच्चारण के साथ 11 द्रव्यों से शिवलिंग का अभिषेक — सबसे शक्तिशाली शिव पूजा।
- 3सावन सोमवार पर: रुद्राभिषेक + सोमवार + सावन = त्रिगुणित फल।
लाभ
- ▸सर्वपाप नाश, रोग निवारण।
- ▸ग्रह दोष (शनि/राहु/केतु) शांति।
- ▸धन-समृद्धि, शत्रु नाश।
- ▸मनोकामना पूर्ति।
- ▸मोक्ष मार्ग प्रशस्त।
स्तर: रुद्री (1 बार) → लघुरुद्र (11 बार) → महारुद्र (11×11=121 बार) → अतिरुद्र (11×121=1331 बार)।





