विस्तृत उत्तर
सिद्ध कुंजिका = दुर्गा सप्तशती का 'कुंजी' (key) स्तोत्र। शिव ने पार्वती को बताया: 'कुंजिका पाठ से सप्तशती का पूर्ण फल मिलता है — बिना कवच/अर्गला/कीलक के भी।'
लाभ
- 1दुर्गा सप्तशती सरलीकरण — पूरी सप्तशती (~3-4 hr) न पढ़ सकें → कुंजिका (~10 min) = समान फल।
- 2सर्वसिद्धि — 'सिद्ध' = सभी कामना पूर्ति।
- 3शत्रु/बुरी शक्ति नाश — अत्यंत प्रभावी।
- 4रोग/भय/कष्ट निवारण।
- 5नवरात्रि — विशेष फलदायी।
विशेषता: शिव वचन — कुंजिका = सप्तशती का सार; छोटा पर उतना ही शक्तिशाली।
विधि: नवरात्रि/शुक्रवार; देवी चित्र; ~8-10 min।





