विस्तृत उत्तर
प्रतिदिन, विशेषकर ब्रह्ममुहूर्त में, एक शांत और स्वच्छ स्थान पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठें।
नमः शिवाय जप के लिए पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठना चाहिए।
प्रतिदिन, विशेषकर ब्रह्ममुहूर्त में, एक शांत और स्वच्छ स्थान पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठें।
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