विस्तृत उत्तर
घर पर तंत्र साधना की सुरक्षित और शास्त्रोक्त विधि महानिर्वाण तंत्र में वर्णित है। घर पर केवल दक्षिणाचार (सात्विक) तंत्र करें:
घर पर सुरक्षित तंत्र साधना के प्रकार
- 1यंत्र पूजन: श्रीयंत्र, महालक्ष्मी यंत्र, गणेश यंत्र की स्थापना और पूजन
- 2नवार्ण मंत्र जप: दुर्गा सप्तशती का पाठ और नवार्ण मंत्र
- 3बीज मंत्र साधना: श्रीं, ऐं, ह्रीं आदि का नित्य जप
- 4देवी पूजन: षोडशोपचार से काली, दुर्गा, लक्ष्मी पूजन
श्रीयंत्र साधना (घर पर सर्वोत्तम)
श्रीयंत्र तंत्र का सर्वोच्च यंत्र है। इसे घर में स्थापित करना और नित्य पूजन करना — यही सर्वोत्तम गृह-तंत्र साधना है।
श्रीयंत्र स्थापना विधि
- 1स्फटिक (crystal) का श्रीयंत्र सर्वश्रेष्ठ है
- 2पूर्व मुख में, ईशान कोण में स्थापित करें
- 3नित्य पंचामृत से अभिषेक
- 4कमल, गुलाब, बेला अर्पण
- 5'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद...' — जप
नित्य तंत्र साधना की दिनचर्या
प्रातःकाल
- 1ब्रह्ममुहूर्त में उठें
- 2स्नान — शरीर और मन की शुद्धि
- 3पूजा स्थान पर दीप जलाएं
- 4संकल्प
- 5देवी ध्यान और मंत्र जप (108 बार)
- 6श्री सूक्त या देवी सूक्त पाठ
सायंकाल
- 1संध्या दीप
- 2देवी आरती
- 3दस मिनट का मौन ध्यान
घर पर क्या न करें
- 1श्मशान साधना घर पर नहीं
- 2पंचमकार (मद्य सहित) — बिना दीक्षा के नहीं
- 3किसी को हानि पहुँचाने के अनुष्ठान नहीं
- 4रात्रि को अकेले उच्च तांत्रिक क्रिया नहीं (नए साधक)
महानिर्वाण तंत्र का वचन
गृहिणः साधकाः सर्वे दक्षिणाचार-मार्गिणः।
— गृहस्थ साधकों के लिए दक्षिणाचार ही उत्तम मार्ग है।





