विस्तृत उत्तर
घर पर काली साधना की भक्ति विधि कालिका पुराण और देवी भागवत में वर्णित है:
घर पर साधना — भक्ति मार्ग
गृहस्थों के लिए भक्ति मार्ग की साधना पूर्णतः उचित और शास्त्रसम्मत है। तांत्रिक विधि गुरु के बिना घर पर न करें।
स्थान
ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में काली की मूर्ति या चित्र — काले या लाल पृष्ठभूमि पर।
घर पर नित्य काली पूजा की विधि
1प्रातःकाल स्नान
2आसन
लाल या काला आसन। उत्तर या पूर्व मुख। (अमावस्या साधना में दक्षिण मुख — परंपरागत मत)
3दीप
सरसों तेल या घी का दीप। काली के लिए सरसों तेल का दीप विशेष।
4आवाहन
> 'ॐ क्रीं काल्यै नमः — महाकालि, आगच्छ'
5अर्पण
- ▸लाल पुष्प (गुड़हल)
- ▸सिंदूर
- ▸नींबू
- ▸धूप (गूगल)
6मंत्र जप
> 'ॐ क्रीं काल्यै नमः' — 108 बार
रुद्राक्ष माला या कमलगट्टा माला से।
7स्तोत्र
महाकाली स्तोत्र या काली चालीसा का पाठ।
8आरती
> 'जय काली माँ, जय महाकाली...'
9क्षमा प्रार्थना
अमावस्या पर विशेष
अमावस्या की रात — विशेष पूजा, 1008 मंत्र जप, सरसों तेल के 10 दीप।
देवी भागवत का मत
गृहस्थस्य काली भक्तिर्मोक्षदायिनी निश्चिताम्।' — गृहस्थ की काली भक्ति निश्चित रूप से मोक्षदायिनी है।





