ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
साधना विधि📜 हनुमान पुराण, वाल्मीकि रामायण, तंत्र शास्त्र — हनुमत्-तंत्र3 मिनट पठन

हनुमान साधना कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

मंगलवार को ब्रह्ममुहूर्त में लाल आसन पर बैठकर, चमेली का दीप जलाएं, सिंदूर चढ़ाएं, 'ॐ हं हनुमते नमः' का 108 बार जप करें। हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ सर्वोत्तम साधना है। 21 मंगलवार की साधना से विशेष फल मिलता है।

📖

विस्तृत उत्तर

हनुमान साधना वैष्णव और शाक्त — दोनों परंपराओं में की जाती है। हनुमान पुराण में इसका विस्तृत वर्णन है:

साधना के प्रकार

  1. 1भक्ति साधना (सर्वोत्तम और सरल):

हनुमान जी के लिए भक्ति सर्वोच्च साधना है।

  1. 1तांत्रिक साधना (गुरु दीक्षा आवश्यक):

पंचमुखी हनुमान साधना — उच्च स्तरीय तांत्रिक अनुष्ठान।

सामान्य हनुमान साधना विधि

शुभ समय

  • मंगलवार या शनिवार से प्रारंभ करें
  • चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयंती) — वर्ष का सर्वोत्तम
  • ब्रह्ममुहूर्त — प्रातः 4-6 बजे

सामग्री

  • हनुमान जी की मूर्ति या चित्र (सिंदूरी रंग)
  • सिंदूर
  • चमेली के तेल का दीप
  • लाल पुष्प — गुड़हल
  • गुड़-चना
  • लाल वस्त्र

विधि

  1. 1स्नान और वस्त्र: ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करके ब्रह्मचर्य का संकल्प लें।
  1. 1आसन: लाल आसन पर पूर्व या दक्षिण मुख करके बैठें — हनुमान जी दक्षिण दिशा के रक्षक हैं।
  1. 1दीप: चमेली के तेल का दीप जलाएं।
  1. 1हनुमान जी का ध्यान:

> मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेंद्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।

> वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥

  1. 1सिंदूर अर्पण: हनुमान जी को सिंदूर का चोला अर्पित करें।
  1. 1पंचोपचार पूजन: जल, चंदन, पुष्प, धूप, दीप।
  1. 1मंत्र जप:

> 'ॐ हं हनुमते नमः' — 108 बार (रुद्राक्ष माला)

  1. 1हनुमान चालीसा: एक बार पाठ।
  1. 1सुंदरकांड: यदि संभव हो तो पाठ करें — सर्वोत्तम साधना।
  1. 1भोग: गुड़-चना और लड्डू।
  1. 1आरती: 'जय हनुमान ज्ञान गुण सागर...'।

21 दिन की विशेष साधना

  • 21 मंगलवार या 21 शनिवार लगातार
  • प्रतिदिन 108 बार मंत्र जप
  • हनुमान चालीसा का 3 बार पाठ
  • 21वें दिन हवन: 'ॐ हं हनुमते नमः स्वाहा'

पंचमुखी हनुमान साधना

हनुमान के 5 मुख (हनुमान, नरसिंह, गरुड़, वराह, हयग्रीव) पाँच दिशाओं की रक्षा करते हैं। यह उच्च तांत्रिक साधना है — गुरु दीक्षा के बाद करें।

साधना का फल

हनुमान पुराण: 'जो हनुमान की उपासना करता है, उसे किसी से भय नहीं। राम और हनुमान दोनों की कृपा मिलती है।'

📜
शास्त्रीय स्रोत
हनुमान पुराण, वाल्मीकि रामायण, तंत्र शास्त्र — हनुमत्-तंत्र
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

हनुमान साधनाउपासनापंचमुखी हनुमानसाधना विधि

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

हनुमान साधना कैसे करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको साधना विधि से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर हनुमान पुराण, वाल्मीकि रामायण, तंत्र शास्त्र — हनुमत्-तंत्र पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।