विस्तृत उत्तर
बलिपीठ = मंदिर में अर्पण/बलि स्थान:
क्या है: गर्भगृह के सामने (ध्वजस्तंभ और गर्भगृह बीच) = पत्थर चबूतरा/स्तंभ। 'बलि' = अर्पण (पशु नहीं — सामान्यतः)।
उपयोग
- 1नैवेद्य: भोग/अन्न/फल → बलिपीठ पर → देवता अर्पण।
- 2बलिदान (प्रतीकात्मक): अहंकार/कामना/विकार = 'बलि' → देवता को।
- 3दक्षिण (कुछ): शाक्त मंदिर = पशु/कुम्हड़ा बलि → बलिपीठ पर (विवादास्पद)।
- 4दैनिक बलि: पुजारी → नैवेद्य → बलिपीठ → दिशा बलि (8 दिशा + ऊपर + नीचे = 10) → भूत/प्रेत/अन्य शक्तियों को भी अर्पण।
स्थान: गर्भगृह → बलिपीठ → ध्वजस्तंभ → गोपुरम = रेखीय (दक्षिण शैली)।





