विस्तृत उत्तर
भारतीय मंदिर वास्तुकला में मंडप (Hall) कई प्रकार के होते हैं। सभामंडप और रंगमंडप दो प्रमुख प्रकार हैं।
सभामंडप (Assembly Hall)
1स्वरूप
सभामंडप = सभा (Assembly) का मंडप। यह भक्तों के एकत्र होने, बैठने, प्रवचन सुनने, और सामूहिक पूजा/कीर्तन करने का स्थान।
2विशेषताएँ
- ▸बड़ा खुला हॉल — स्तम्भों (Pillars) पर आश्रित छत
- ▸सैकड़ों भक्त बैठ सकें — विशाल
- ▸गर्भगृह के सामने — भक्त यहाँ से दर्शन
- ▸प्रवचन, भजन, उत्सव — यहीं
- ▸'मुखमंडप' या 'महामंडप' भी कहते हैं
रंगमंडप (Dance/Performance Hall)
3स्वरूप
रंग (नृत्य/कला) + मंडप = नृत्य/कला प्रदर्शन का हॉल। यह मंदिर में देवता के सम्मुख नृत्य, संगीत, और कला प्रस्तुतियों का स्थान।
4विशेषताएँ
- ▸प्रायः सभामंडप से छोटा
- ▸अत्यन्त अलंकृत स्तम्भ — संगीतकार, नर्तक, अप्सरा मूर्तियाँ
- ▸कुछ रंगमंडप के स्तम्भ 'संगीत स्तम्भ' — थपथपाने पर विभिन्न सप्त स्वर (Sa Re Ga Ma Pa Dha Ni) उत्पन्न
- ▸उदाहरण: विट्ठल मंदिर (हम्पी) के संगीत स्तम्भ विश्व प्रसिद्ध
मुख्य अंतर
| विषय | सभामंडप | रंगमंडप |
|---|---|---|
| उद्देश्य | सभा/एकत्रित होना | नृत्य/संगीत प्रदर्शन |
| आकार | बड़ा | अपेक्षाकृत छोटा |
| अलंकरण | सामान्य | अत्यन्त अलंकृत |
| स्तम्भ | सादे/सजे | संगीत/नृत्य मूर्तियाँ |
| उपयोग | दर्शन, प्रवचन, कीर्तन | देवसेवा नृत्य, संगीत |
| स्थान | गर्भगृह के सामने | सभामंडप से जुड़ा/अलग |
अन्य मंडप प्रकार
- ▸अर्धमंडप: गर्भगृह और मंडप के बीच का छोटा कक्ष (Vestibule)
- ▸मुखमंडप: प्रवेश मंडप
- ▸कल्याण मंडप: विवाह/उत्सव हॉल
- ▸स्नान मंडप: अभिषेक/स्नान हेतु
- ▸भोग मंडप: भोग तैयारी
शिल्पशास्त्र में
मंडप' = मंदिर का 'शरीर'। गर्भगृह = 'हृदय', शिखर = 'मस्तक', मंडप = 'धड़'। एक पूर्ण मंदिर = गर्भगृह + अन्तराल + मंडप (+ शिखर + प्रवेश)।





