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मंदिर वास्तु📜 शोध: Wikipedia Hindi (नवग्रह — 'सूर्य केंद्र, 8 दिशा, मुख सामने नहीं'), अमर उजाला (खरगोन नवग्रह)1 मिनट पठन

मंदिर में नवग्रह की प्रतिमाएं किस क्रम में स्थापित होनी चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

सूर्य = केंद्र। 8 ग्रह = 8 दिशा। 'मुख दूसरे ओर नहीं' (Wikipedia)। चंद्र=NE, मंगल=S, बुध=N, बृहस्पति=NE, शुक्र=E, शनि=W, राहु=SW, केतु=NW। ईशान में स्थापित।

📖

विस्तृत उत्तर

नवग्रह स्थापना क्रम (Wikipedia/अमर उजाला verified):

नियम (Wikipedia verified)

  • सूर्य = केंद्र (सर्वप्रमुख)।
  • अन्य 8 = 8 दिशाओं में (सूर्य के चारों ओर)।
  • 'किसी का मुख दूसरे ओर नहीं' (Wikipedia)।

क्रम (दिशा)

| ग्रह | दिशा | वार |

|------|-------|-----|

| सूर्य | केंद्र | रविवार |

| चंद्र | ईशान (NE) | सोमवार |

| मंगल | दक्षिण (S) | मंगलवार |

| बुध | उत्तर (N) | बुधवार |

| बृहस्पति | ईशान/उत्तर | गुरुवार |

| शुक्र | पूर्व (E) | शुक्रवार |

| शनि | पश्चिम (W) | शनिवार |

| राहु | नैऋत्य (SW) | — |

| केतु | वायव्य (NW) | — |

अमर उजाला (खरगोन): 'गर्भगृह में सूर्य बीच, आसपास अन्य ग्रह। 7 सीढ़ी=7 वार, 12=12 महीने/राशि।'

स्थान: गर्भगृह ईशान (उत्तर-पूर्व) = नवग्रह मंच (Wikipedia)।

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शास्त्रीय स्रोत
शोध: Wikipedia Hindi (नवग्रह — 'सूर्य केंद्र, 8 दिशा, मुख सामने नहीं'), अमर उजाला (खरगोन नवग्रह)
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