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मंदिर वास्तु📜 मंदिर शिल्प शास्त्र1 मिनट पठन

जैन मंदिर और हिंदू मंदिर की वास्तु में क्या समानताएं हैं?

संक्षिप्त उत्तर

समान: गर्भगृह (केंद्र), शिखर, परिक्रमा, मंडप, वास्तु मंडल, पत्थर शिल्प, जूते बाहर। भिन्न: जैन=तीर्थंकर/सूक्ष्म नक्काशी (दिलवाड़ा)/अहिंसा। हिंदू=देवी-देवता/अवतार।

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विस्तृत उत्तर

जैन + हिंदू मंदिर — समानताएं:

| विषय | समानता |

|-------|--------|

| गर्भगृह | दोनों = केंद्रीय + सबसे पवित्र |

| शिखर | दोनों = ऊंचा शिखर (नागर/द्राविड़) |

| परिक्रमा | दोनों = प्रदक्षिणा पथ |

| मंडप | दोनों = सभा मंडप |

| वास्तु पुरुष | दोनों = वास्तु मंडल अनुसार |

| पत्थर शिल्प | दोनों = विस्तृत (दिलवाड़ा = अद्भुत) |

| जूते बाहर | दोनों = शुद्धता |

भिन्नता: जैन = तीर्थंकर (24), हिंदू = देवी-देवता। जैन = अत्यंत सूक्ष्म नक्काशी (रणकपुर/दिलवाड़ा = विश्वप्रसिद्ध)। जैन = अहिंसा → पशु मूर्ति कम। हिंदू = विभिन्न अवतार।

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शास्त्रीय स्रोत
मंदिर शिल्प शास्त्र
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