विस्तृत उत्तर
गर्भगृह (Sanctum Sanctorum) मंदिर का सबसे पवित्र स्थान है जहां मूल देवता विराजमान हैं:
किसे प्रवेश मिलता है:1. अधिकृत पुजारी/अर्चक
गर्भगृह में जाने के लिए सिर्फ और सिर्फ पुजारी ही अधिकृत होता है।' वह पुजारी जो पूर्ण पवित्रता बनाए रखता हो — स्नान, शुद्ध वस्त्र, आचार-विचार।
1शैव आगम के अनुसार
शैव दीक्षित अर्चक — केदारनाथ में वीरशैव परंपरा, श्रीशैल में भी। शैवागम शास्त्र सम्मत मंदिरों में विशेष दीक्षित पुजारी ही गर्भगृह में पूजा करते हैं।
2महाकालेश्वर
भस्म आरती में केवल महानिर्वाणी अखाड़े के संन्यासी। किसी भी भक्त (पुरुष/महिला) को गर्भगृह प्रवेश नहीं — VIP/पैसे से भी नहीं।
3काशी विश्वनाथ
श्रद्धालुओं का गर्भगृह प्रवेश स्थायी रूप से बंद — गर्भगृह द्वार से ही जलाभिषेक।
अपवाद
- ▸कुछ छोटे/ग्रामीण मंदिरों में भक्तों को गर्भगृह प्रवेश मिल सकता है।
- ▸क्षेत्रीय परंपराएं भिन्न हो सकती हैं।
- ▸दक्षिण भारत के कुछ मंदिरों में विशेष पूजा हेतु सीमित प्रवेश।
कारण
गर्भगृह = ब्रह्म स्थान — अत्यधिक सकारात्मक ऊर्जा। पवित्रता बनाए रखने, स्वच्छता और ऊर्जा संरक्षण हेतु प्रवेश सीमित।
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