विस्तृत उत्तर
ओंकारेश्वर (मध्य प्रदेश, खंडवा) 12 ज्योतिर्लिंगों में चौथा है — नर्मदा नदी के मध्य ॐ आकार के मांधाता द्वीप पर:
विशेषता (शोध — Wikipedia/TV9/SriMandir)
- ▸नर्मदा नदी यहां ॐ आकार में बहती है।
- ▸दो ज्योतिर्लिंग: ओंकारेश्वर (द्वीप पर) + ममलेश्वर/अमलेश्वर (दक्षिण तट)।
- ▸शिवलिंग प्राकृतिक/स्वयंभू — सदा जल से घिरा।
- ▸68 तीर्थ परिसर में। मान्यता: शिव प्रतिदिन रात्रि को यहीं शयन करते हैं।
परिक्रमा विधि (Wikipedia Hindi — शोध सत्यापित)
3 दिवसीय यात्रा (पूर्ण)
प्रथम दिन: कोटि-तीर्थ स्नान → ओंकारेश्वर दर्शन → मंदिर परिसर के अनेक शिव मंदिर → ममलेश्वर मंदिर दर्शन।
द्वितीय दिन — पंचक्रोशी परिक्रमा (ओमकार पर्वत)
परिक्रमा पथ ~7 किमी पक्का सीमेंट मार्ग:
कोटितीर्थ → चक्रेश्वर → गऊघाट → गोदन्तेश्वर → मल्लिकार्जुन → केदारेश्वर → सावित्री कुंड → ऋणमुक्तेश्वर → नर्मदा-कावेरी संगम → गौरी सोमनाथ → सिद्धनाथ मंदिर → कैलाश धाम। मार्ग पर अनेक मंदिर और आश्रम।
तृतीय दिन: शेष तीर्थ + पुनः ओंकारेश्वर-ममलेश्वर दर्शन + नर्मदा स्नान।
छोटी परिक्रमा (1 दिन)
ओमकार पर्वत (~7 किमी) — सबसे प्रचलित। कोटितीर्थ से आरंभ, पर्वत का चक्कर लगाकर वापसी।
नियम
- ▸नर्मदा स्नान अनिवार्य (कोटितीर्थ/चक्रतीर्थ)।
- ▸नाव या पुल से द्वीप पहुंचें।
- ▸दोनों ज्योतिर्लिंग (ओंकारेश्वर + ममलेश्वर) दर्शन अनिवार्य।
- ▸शास्त्र: सभी तीर्थों का जल ओंकारेश्वर में अर्पित करें — तभी सभी तीर्थ पूर्ण।

