विस्तृत उत्तर
अनुष्ठान का स्थान पूर्णतः स्वच्छ, शांत और सात्विक होना चाहिए।
सर्वश्रेष्ठ परिणाम के लिए यह अनुष्ठान किसी सिद्ध शिवालय (जैसे १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक त्र्यंबकेश्वर, महाकालेश्वर, या काशी के महामृत्युंजय मंदिर) में करवाना अत्यंत फलदायी माना गया है।
यदि मंदिर जाना संभव न हो, तो घर के ईशान कोण (North-East) में एक पवित्र वेदी बनाकर, वहां शिवलिंग, भगवान शंकर की प्रतिमा या 'महामृत्युंजय यंत्र' स्थापित करके अनुष्ठान किया जा सकता है।





