जप में किस दिशा में मुख करना चाहिए का सबसे सीधा सार यह है: जप में मुख पूर्व (East) या उत्तर (North) दिशा में होना चाहिए — पूर्व = सूर्य की दिशा (ज्ञान, प्रकाश, सकारात्मक ऊर्जा); उत्तर = कुबेर और देवताओं की...
जप का स्थान, समय, आसन और माला जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
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•जप का स्थान, समय, आसन और माला श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
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