विस्तृत उत्तर
अंतर्धान अस्त्र दिव्यास्त्रों की उस रणनीतिक श्रेणी का शिखर है जो शक्ति प्रदर्शन के बजाय माया, रणनीति और मनोवैज्ञानिक प्रभुत्व पर केंद्रित थी। यह एक ऐसा दिव्य हथियार था जिसका प्राथमिक कार्य मारना नहीं बल्कि इंद्रियों और मन पर विजय प्राप्त करके युद्ध के मैदान को नियंत्रित करना था। इसे अनदेखे देवता, मूक रणनीतिकार और माया के स्वामी का अस्त्र कहा जाता है। इसकी तीन प्रमुख शक्तियाँ हैं — अदृश्य होने की शक्ति, शत्रु को निद्रा में डालने की शक्ति और मानसिक भ्रम पैदा करने की शक्ति। इसके अधिपति और दाता धन के देवता कुबेर हैं, इसीलिए इसे 'कुबेर अस्त्र' भी कहते हैं।
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