विस्तृत उत्तर
वास्तु शास्त्र के अनुसार तिजोरी का दरवाज़ा (मुख) उत्तर दिशा की ओर खुलना सर्वोत्तम माना जाता है।
उत्तर दिशा क्यों
- ▸उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की दिशा है। तिजोरी का मुख उत्तर में होने से धन का आगमन होता है, संचय बढ़ता है और अनावश्यक खर्चे कम होते हैं।
अन्य शुभ विकल्प
- ▸पूर्व दिशा — पूर्व भगवान इंद्र की दिशा है, इसे प्रगति और ऐश्वर्य से जोड़ा जाता है। तिजोरी को पश्चिमी दीवार से सटाकर रखें ताकि मुख पूर्व में खुले।
निषेध दिशाएँ
- ▸दक्षिण — यम की दिशा। दक्षिण में तिजोरी का मुख होने से धन हानि और कर्ज बढ़ने की मान्यता है।
- ▸पश्चिम — तीसरा निषेध (कम हानिकारक, पर उत्तर-पूर्व से कमतर)।
व्यावहारिक सुझाव
- ▸तिजोरी खोलते समय आपका मुख उत्तर दिशा की ओर हो — यह कुबेर की ओर मुख करने जैसा है।
- ▸तिजोरी में सदैव कुछ न कुछ धन रखें, खाली तिजोरी अशुभ है।





