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वास्तु धन नियम प्रश्नोत्तर — 3 प्रश्न

वास्तु धन नियम से जुड़े 3 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 3 प्रश्न

तिजोरी का मुख किस दिशा में खुलना चाहिए?

तिजोरी का मुख (दरवाज़ा) उत्तर दिशा (कुबेर की दिशा) में खुलना सर्वोत्तम है। पूर्व दिशा दूसरा विकल्प है। दक्षिण में मुख कभी नहीं होना चाहिए — यह धन हानि का कारण बनता है।

तिजोरी मुखउत्तर दिशाकुबेर
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लॉकर में क्या रखने से धन बढ़ता है?

तिजोरी में लाल कपड़ा बिछाएँ, कौड़ी, हल्दी गाँठ, केसर, चाँदी का सिक्का, दक्षिणावर्ती शंख, गोमती चक्र, श्रीयंत्र और पीतल-तांबे के सिक्के रखें। तिजोरी कभी खाली न रखें। मुख उत्तर (कुबेर) दिशा में हो।

लॉकरतिजोरीधन वृद्धि
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तिजोरी किस दिशा में रखें वास्तु के अनुसार?

तिजोरी दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) कोण या दक्षिण दीवार के पास रखें, मुख उत्तर (कुबेर दिशा) की ओर खुले। जमीन से ऊपर रखें, साफ रखें। मुख दक्षिण में या दरवाज़े की सीध में नहीं होना चाहिए।

तिजोरीवास्तुधन वृद्धि
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वास्तु धन नियम — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर वास्तु धन नियम श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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वास्तु धन नियम को गहराई से समझने का तरीका

वास्तु धन नियम प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

3 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।