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व्रत के नियम और वर्जित वस्तुएं प्रश्नोत्तर — 5 प्रश्न

व्रत के नियम और वर्जित वस्तुएं से जुड़े 5 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 5 प्रश्न

शिवलिंग पर नारियल पानी क्यों नहीं चढ़ाना चाहिए?

साबुत नारियल शिव को अर्पित होता है, परंतु नारियल पानी से अभिषेक निषिद्ध है। कारण: शिव को अर्पित जल = 'चरणामृत' (ग्रहण योग्य), परंतु देवताओं को अर्पित नारियल का जल शास्त्रों में ग्रहण करने योग्य नहीं माना गया।

नारियल पानी वर्जितशिवलिंगचरणामृत
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शिवलिंग पर तुलसी क्यों नहीं चढ़ाते?

शिव पुराण: तुलसी (वृंदा) का भगवान विष्णु के साथ विशेष पतिव्रत संबंध है। शिव ने शंखचूड़ और जालंधर का वध किया था इसलिए शिव पूजन में तुलसी वर्जित है। शिव को बेलपत्र (बिल्वपत्र) ही चढ़ाया जाता है।

तुलसी वर्जितशंखचूड़जालंधर
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शिव को हल्दी और कुमकुम क्यों नहीं चढ़ाते?

शिवलिंग = पुरुषार्थ, वैराग्य और संहारक ऊर्जा का स्वरूप। हल्दी और कुमकुम = शृंगार, भौतिक आकर्षण और सौभाग्य के प्रतीक जो देवियों (पार्वती, लक्ष्मी) को अर्पित होते हैं। वैरागी शिव को इनका अर्पण इसीलिए निषिद्ध है।

हल्दी कुमकुम वर्जितशिवलिंगवैरागी
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शिवलिंग पर केतकी का फूल क्यों नहीं चढ़ाते?

शिव पुराण: ब्रह्मा-विष्णु के विवाद में शिव ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए। ब्रह्मा ने केतकी पुष्प को झूठा साक्षी बनाया और कहा 'शीर्ष देख लिया।' सर्वज्ञ शिव ने असत्य पहचाना और केतकी को शिव पूजन में सदा के लिए वर्जित कर दिया।

केतकी फूल वर्जितब्रह्मा झूठज्योतिर्लिंग
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रुद्राभिषेक से पहले क्या नियम पालने चाहिए?

रुद्राभिषेक से पहले: ब्रह्मचर्य पालन, सात्विक आहार/उपवास, मांस-मदिरा-लहसुन-प्याज त्याग, असत्य-क्रोध त्याग, आलस्य-निद्रा वर्जित। श्वेत या हल्के सूती/रेशमी वस्त्र पहनें — काले वस्त्र सर्वथा निषिद्ध हैं।

रुद्राभिषेक नियमब्रह्मचर्यसात्विक आहार
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व्रत के नियम और वर्जित वस्तुएं — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर व्रत के नियम और वर्जित वस्तुएं श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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व्रत के नियम और वर्जित वस्तुएं को गहराई से समझने का तरीका

व्रत के नियम और वर्जित वस्तुएं प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

5 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।