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व्रत एवं उपवास प्रश्नोत्तर — 8 प्रश्न

व्रत एवं उपवास से जुड़े 8 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 8 प्रश्न

मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में अंतर

मासिक शिवरात्रि प्रत्येक माह की कृष्ण चतुर्दशी को आती है, यानी वर्ष में १२ बार। महाशिवरात्रि साल में एक बार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को आती है और इसका महत्व सर्वाधिक है — इस दिन शिव-पार्वती दोनों की पूजा होती है।

शिवरात्रिमहाशिवरात्रिमासिक शिवरात्रि
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प्रदोष व्रत विधि और समय

प्रदोष व्रत त्रयोदशी को रखा जाता है। पूजा का समय — सूर्यास्त से ४५ मिनट पहले से ४५ मिनट बाद (प्रदोष काल) — सबसे शुभ है। स्नान, उपवास, शिवलिंग पूजा, बेलपत्र, जल अभिषेक और कथा श्रवण इसके मुख्य अंग हैं।

प्रदोष व्रत विधित्रयोदशी व्रतशिव पूजा समय
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प्रदोष व्रत में क्या खाना चाहिए?

प्रदोष व्रत में फलाहार किया जाता है — फल, दूध-दही, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, मखाना, उबले आलू। अन्न, लहसुन-प्याज और सामान्य नमक वर्जित हैं। पूर्ण उपवास करना सर्वोत्तम है।

प्रदोष व्रतव्रत आहारशिव व्रत
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सफला एकादशी का महत्व

सफला एकादशी पौष कृष्ण एकादशी को मनाई जाती है। यह जीवन के रुके कार्यों को पूरा करने और सफलता दिलाने वाली एकादशी है। लुम्पक की कथा इसका आधार है, जिसे अनजाने में व्रत करने पर भी भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त हुई।

सफला एकादशीपौष माहएकादशी महत्व
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निर्जला एकादशी व्रत की विधि

निर्जला एकादशी ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को होती है। इसमें पूरे दिन जल और अन्न दोनों त्यागे जाते हैं। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान, पीले वस्त्र, विष्णु पूजा, तुलसी, जल दान और रात्रि जागरण इसके मुख्य अंग हैं। इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं।

निर्जला एकादशीभीमसेनी एकादशीज्येष्ठ एकादशी
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एकादशी व्रत महिलाएँ कर सकती हैं क्या?

हाँ, एकादशी व्रत महिलाएँ अवश्य कर सकती हैं। मासिक धर्म के दौरान स्वयं पूजा न करें, लेकिन कथा श्रवण, भजन और भगवान स्मरण कर सकती हैं तथा चावल का त्याग करें। शुद्धि के बाद द्वादशी पर पारण करें।

एकादशीमहिलाएंव्रत
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एकादशी का व्रत कब तोड़ें?

एकादशी व्रत द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद, हरिवासर काल समाप्त होने पर तोड़ना चाहिए। त्रयोदशी आने से पहले पारण अवश्य कर लें। पहले विष्णु पूजा करें, चरणामृत लें, फिर भोजन ग्रहण करें।

एकादशी पारणव्रत तोड़नाद्वादशी
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एकादशी व्रत में कौन सा अनाज खा सकते हैं?

एकादशी में चावल, गेहूं, दाल जैसे अनाज वर्जित हैं। साबूदाना, शकरकंद, आलू, सभी फल, दूध-दही, मखाना, मेवे, सेंधा नमक खाए जा सकते हैं। कुट्टू और सिंघाड़े पर विद्वानों में मतभेद है।

एकादशीव्रत आहारफलाहार
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व्रत एवं उपवास — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर व्रत एवं उपवास श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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व्रत एवं उपवास को गहराई से समझने का तरीका

व्रत एवं उपवास प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

8 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।