विस्तृत उत्तर
एकादशी व्रत में पाँच प्रकार के अनाज — चावल, गेहूं, जौ, मक्का और दाल — वर्जित माने जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार ये अन्न इस दिन भोजन के रूप में नहीं लेने चाहिए। साथ ही लहसुन, प्याज, मांस, मछली और सामान्य नमक का सेवन भी निषिद्ध है।
हालांकि कुछ वस्तुएं हैं जो व्रत में ग्रहण की जा सकती हैं:
साबूदाना — एकादशी व्रत में सबसे लोकप्रिय और शुद्ध माना जाने वाला आहार है।
सिंघाड़े का आटा और कुट्टू का आटा — हालांकि विद्वानों में इन पर मतभेद है क्योंकि इन्हें 'अर्ध-अन्न' माना जाता है। जो सख्त नियम मानते हैं वे इनका उपयोग नहीं करते।
शकरकंद और आलू — उबालकर या भूनकर खाए जा सकते हैं।
सभी प्रकार के फल — केला, सेब, अंगूर, आम, अनार आदि।
दूध और दूध से बनी चीजें — दही, पनीर, मखाना, खीर।
मेवे — बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट।
सेंधा नमक — सामान्य नमक की जगह।
काली मिर्च, अदरक — मसाले के रूप में।
व्रत तीन प्रकार से रखा जाता है — निर्जला (केवल जल), फलाहारी (केवल फल) और एकल भोज (दिन में एक बार सात्विक भोजन)। जो व्रती जिस प्रकार का संकल्प लेते हैं, उसी के अनुसार आहार ग्रहण करना उचित है।