विस्तृत उत्तर
भगवान कृष्ण की पूजा के लिए कई शुभ दिन और अवसर शास्त्रों में वर्णित हैं:
बुधवार — शास्त्रीय परंपरा में भगवान कृष्ण की पूजा का प्रमुख दिन बुधवार माना जाता है। बुध ग्रह बुद्धि और संवाद का प्रतीक है और कृष्ण स्वयं महाबुद्धिमान थे — इसलिए बुधवार को कृष्ण-पूजन विशेष फलदायी है।
रोहिणी नक्षत्र — जिस दिन चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में हो उस दिन कृष्ण पूजा अत्यंत शुभ होती है क्योंकि श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।
जन्माष्टमी — भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। यह वर्ष का सर्वश्रेष्ठ कृष्ण-पूजा का दिन है। इस रात रात्रि बारह बजे विशेष पूजन होता है।
एकादशी — कृष्ण विष्णु के अवतार हैं इसलिए एकादशी उनकी प्रिय तिथि भी है। देवशयनी और देवउठनी एकादशी का विशेष महत्व है।
शुक्रवार — कुछ परंपराओं में राधा-कृष्ण की संयुक्त पूजा के लिए शुक्रवार शुभ माना जाता है।
सारांश — नित्य कृष्ण-पूजन के लिए बुधवार श्रेष्ठ है। वार्षिक महोत्सव के लिए जन्माष्टमी सर्वोत्तम है।