तिथि शास्त्रएकादशी को कौन से काम न करें?एकादशी=विष्णु व्रत। न करें: अन्न(चावल विशेष), मांस, दिन सोना, क्रोध, झूठ। करें: विष्णु पूजा, गीता, व्रत, जप, दान। उपवास+भक्ति दिन।#एकादशी#वर्जित#व्रत
पूजा विधि एवं कर्मकांडविष्णु जी की पूजा का सबसे उत्तम दिन कौन सा हैविष्णु-पूजा के लिए — गुरुवार (प्रमुख दिन, पीले वस्त्र और केले का भोग), एकादशी (प्रिय तिथि), वैशाख और कार्तिक मास (विशेष पुण्यकारी)। जन्माष्टमी और रामनवमी अवतार-पर्व हैं।#विष्णु पूजा दिन#गुरुवार विष्णु#एकादशी
मंत्र जप नियममंत्र जप में एकादशी का क्या विशेष महत्व है?विष्णु तिथि — विष्णु/कृष्ण जप सर्वोत्तम। उपवास+जप = द्विगुणित। सात्विक ऊर्जा। निर्जला = सबसे शक्तिशाली। 11 = एकादश रुद्र/सिद्धि।#एकादशी#जप#विशेष
पूजा विधि एवं कर्मकांडकृष्ण जी की पूजा का सबसे उत्तम दिन कौन सा हैकृष्ण पूजा के लिए बुधवार सबसे शुभ दिन है, क्योंकि यह कृष्ण से जुड़ी परंपरा का प्रमुख दिन है। रोहिणी नक्षत्र भी विशेष शुभ है। जन्माष्टमी (भाद्रपद कृष्ण अष्टमी) वर्ष की सर्वोत्तम कृष्ण-पूजा का अवसर है।#कृष्ण पूजा दिन#बुधवार कृष्ण#जन्माष्टमी
पूजा विधिविष्णु पूजा कैसे करें — विधि?तुलसी(अत्यंत प्रिय)+पीले फूल+चंदन+पंचामृत। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' 108। विष्णु सहस्रनाम/गीता। 'ॐ जय जगदीश' आरती। एकादशी/गुरुवार। तुलसी बिना=अपूर्ण।#विष्णु#पूजा#विधि
लोकएकादशी श्राद्ध में सुयोग्य ब्राह्मण का महत्व क्या है?योग्य पात्र से श्राद्ध सफल होता है।#सुयोग्य ब्राह्मण#श्राद्ध पात्र#एकादशी
लोकएकादशी श्राद्ध से तेजस्वी पुत्र मिलता है क्या?हाँ, तेजस्वी पुत्रों का फल बताया गया है।#तेजस्वी पुत्र#महाभारत#एकादशी
लोकश्राद्ध तत्त्व में एकादशी श्राद्ध कैसे करें?अन्न रहित फलाहारी विधि से।#श्राद्ध तत्त्व#रघुनन्दन#एकादशी
लोकपद्म पुराण में एकादशी अन्न का निषेध क्या है?देव-पितर एकादशी अन्न स्वीकार नहीं करते।#पद्म पुराण#अन्न निषेध#एकादशी
लोकएकादशी श्राद्ध में ब्रह्मवैवर्त पुराण का मत क्या है?एकादशी पर अन्न-श्राद्ध निषिद्ध है।#ब्रह्मवैवर्त पुराण#अन्न निषेध#एकादशी
लोकबालक का एकादशी श्राद्ध होता है क्या?छोटे बालक का पार्वण श्राद्ध नहीं।#बालक श्राद्ध#एकादशी#गृह्यसूत्र
लोकसंन्यासी का श्राद्ध एकादशी को होता है क्या?नहीं, संन्यासी श्राद्ध द्वादशी को।#संन्यासी श्राद्ध#एकादशी#द्वादशी
लोकएकादशी श्राद्ध सुबह कर सकते हैं क्या?मुख्य श्राद्ध सुबह नहीं, कुतुप-अपराह्न में करें।#सुबह श्राद्ध#मुहूर्त#एकादशी
लोकएकादशी श्राद्ध में कुतुप मुहूर्त क्या है?श्राद्ध का श्रेष्ठ पवित्र समय।#कुतुप मुहूर्त#श्राद्ध काल#एकादशी
लोकएकादशी श्राद्ध में विष्णु पूजा क्यों जरूरी है?क्योंकि एकादशी विष्णु-प्रिय तिथि है।#विष्णु पूजा#एकादशी#पितृ श्राद्ध
लोकएकादशी श्राद्ध का प्रसाद गाय को दे सकते हैं क्या?हाँ, गाय को दे सकते हैं।#श्राद्ध प्रसाद#गाय#एकादशी
लोकएकादशी श्राद्ध में अन्न क्यों वर्जित है?क्योंकि एकादशी पर अन्न पापयुक्त माना गया है।#अन्न निषेध#एकादशी#पाप पुरुष
लोकएकादशी को हरिवासर क्यों कहते हैं?क्योंकि यह श्रीहरि विष्णु की प्रिय तिथि है।#हरिवासर#एकादशी#विष्णु
लोकग्यारस का श्राद्ध क्या होता है?एकादशी श्राद्ध को ही ग्यारस श्राद्ध कहते हैं।#ग्यारस श्राद्ध#एकादशी#पितृ श्राद्ध
लोकसंन्यासी का श्राद्ध कब करें?संन्यासी का श्राद्ध एकादशी या द्वादशी को होता है।#संन्यासी श्राद्ध#एकादशी#द्वादशी
मरणोपरांत आत्मा यात्राश्राद्ध द्वादशी को क्यों करना चाहिए?एकादशी श्राद्ध वर्जित है, इसलिए श्राद्ध अगले दिन द्वादशी को किया जाना चाहिए।#श्राद्ध#द्वादशी#एकादशी
मरणोपरांत आत्मा यात्राएकादशी के दिन श्राद्ध क्यों नहीं करना चाहिए?एकादशी श्राद्ध करने से कर्ता, पितर और पुरोहित तीनों को नरकगामी बताया गया है, इसलिए श्राद्ध द्वादशी को करना चाहिए।#एकादशी#श्राद्ध#गरुड़ पुराण
रुद्राभिषेक का सही समयकैलाश वास तिथि पर रुद्राभिषेक करने से क्या होता है?कैलाश वास तिथि (चतुर्थी, एकादशी, पंचमी, द्वादशी) पर रुद्राभिषेक करने से मनोकामना सिद्धि, सुख-समृद्धि और आनंद वृद्धि होती है — यह शुभ तिथि मानी जाती है।#कैलाश वास#चतुर्थी#एकादशी
व्रत एवं उपवासएकादशी व्रत महिलाएँ कर सकती हैं क्या?हाँ, एकादशी व्रत महिलाएँ अवश्य कर सकती हैं। मासिक धर्म के दौरान स्वयं पूजा न करें, लेकिन कथा श्रवण, भजन और भगवान स्मरण कर सकती हैं तथा चावल का त्याग करें। शुद्धि के बाद द्वादशी पर पारण करें।#एकादशी#महिलाएं#व्रत
व्रत एवं उपवासएकादशी व्रत में कौन सा अनाज खा सकते हैं?एकादशी में चावल, गेहूं, दाल जैसे अनाज वर्जित हैं। साबूदाना, शकरकंद, आलू, सभी फल, दूध-दही, मखाना, मेवे, सेंधा नमक खाए जा सकते हैं। कुट्टू और सिंघाड़े पर विद्वानों में मतभेद है।#एकादशी#व्रत आहार#फलाहार
पूजा विधि एवं नियमएकादशी पर तुलसी पूजा कैसे करें?एकादशी पर तुलसी के पत्ते न तोड़ें, जल न चढ़ाएं। एक दिन पहले दशमी को पत्ते तोड़कर रख लें। एकादशी पर दीपक जलाकर, धूप-पूजन करके, तुलसी स्तुति और विष्णु ध्यान के साथ पूजा करें।#एकादशी#तुलसी पूजा#तुलसी विधि
व्रत विधिएकादशी व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं?एकादशी जल: हाँ — 23 एकादशियों में पानी अनुमत। केवल निर्जला (ज्येष्ठ शुक्ल) = जल वर्जित। अन्न वर्जित, जल-फल-दूध अनुमत। स्वास्थ्य सर्वोपरि।#एकादशी#पानी#जल
व्रत विधिएकादशी व्रत में चावल क्यों नहीं खाते?चावल वर्जित: पद्म पुराण — पाप पुरुष अन्न/चावल में छिपा। चावल=जल तत्व/तमोगुण (एकादशी=सत्त्व), चन्द्र सम्बद्ध, कफकारक (शुद्धि बाधक)। सभी अन्न वर्जित। विकल्प: कुट्टू, साबूदाना, फल, दूध, समा चावल।#एकादशी#चावल#वर्जित
व्रत एवं पर्वदेवशयनी और देवउठनी एकादशी में क्या अंतर हैदेवशयनी (आषाढ़ शुक्ल एकादशी) = विष्णु का शयन, चातुर्मास आरम्भ, शुभ कार्य बन्द। देवउठनी (कार्तिक शुक्ल एकादशी) = विष्णु का जागरण, चातुर्मास समाप्त, शुभ कार्य + विवाह आरम्भ, तुलसी विवाह। ~4 मास अन्तराल। पद्मपुराण: देवउठनी = 1000 अश्वमेध फल।#देवशयनी#देवउठनी#एकादशी
व्रत विधिएकादशी व्रत कैसे रखें विधि और नियम?एकादशी व्रत: दशमी शाम एक भोजन (चावल वर्जित) → एकादशी: निर्जला/फलाहार + विष्णु पूजा + 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' + रात्रि जागरण → द्वादशी: सूर्योदय बाद पारण। अन्न-प्याज-लहसुन वर्जित। प्रति मास 2, वर्ष 24 एकादशी।#एकादशी#व्रत#विष्णु
ध्यान साधनाध्यान के लिए कौन सा समय सबसे शुभ होता है?ध्यान के लिए सबसे शुभ समय ब्रह्ममुहूर्त (सूर्योदय से डेढ़ घंटे पहले) है — सात्विक ऊर्जा अधिकतम। पर्वों में एकादशी, पूर्णिमा, शिवरात्रि और नवरात्रि विशेष शुभ हैं। सूर्य-चंद्र ग्रहण में ध्यान का फल कई गुना माना जाता है।#ध्यान#शुभ समय#ब्रह्ममुहूर्त
विज्ञान+धर्मएकादशी व्रत और इंटरमिटेंट फास्टिंग में समानता?एकादशी(15 दिन)+IF=मूल सिद्धांत एक(Autophagy, पाचन विश्राम, Mental clarity)। अंतर: एकादशी=+आध्यात्मिक+चंद्र cycle sync+अन्न त्याग। Silicon Valley discover=ऋषि 5000 वर्ष पहले। एकादशी=Original IF+Spiritual।#एकादशी#Intermittent Fasting#समानता