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परिचय प्रश्नोत्तर — 11 प्रश्न

परिचय से जुड़े 11 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 11 प्रश्न

बिल्वपत्र (बेलपत्र) क्या है और शिव पूजा में इसका क्या महत्व है?

बेलपत्र साक्षात् शिव का स्वरूप और उनकी कृपा पाने का सबसे तेज़ माध्यम है। शिव पूजा में इसका महत्व अभिषेक और अन्य सभी सामग्रियों से भी ज्यादा माना गया है।

बिल्वपत्रशिव पूजामहादेव
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प्रदोष काल क्या होता है?

'प्रदोष' का मतलब है दोषों (पापों और कष्टों) का निवारण। यह दिन और रात के मिलने का वह समय है जब शिव पूजा करने से सारे पाप खत्म हो जाते हैं।

प्रदोषदोष निवारणसंधिकाल
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संकष्टी शब्द का क्या अर्थ है?

'संकट' (कष्ट/मुसीबत) और 'हर' (दूर करने वाला) शब्दों से मिलकर संकष्टी बना है। इसका मतलब है हर तरह की मुसीबतों को जड़ से खत्म करने वाला।

शाब्दिक अर्थसंकटहर
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संकष्टी चतुर्थी क्या है?

यह भगवान गणेश का एक अत्यंत चमत्कारी व्रत है, जिसे करने से जीवन के सभी बड़े से बड़े संकट और विघ्न (बाधाएं) दूर हो जाते हैं।

संकष्टी चतुर्थीगणेश व्रतविघ्नहर्ता
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रथ सप्तमी के अन्य नाम क्या हैं?

शास्त्रों और अलग-अलग राज्यों में इस दिन को 'अचला सप्तमी', 'सूर्य-जयंती', 'आरोग्य सप्तमी' और 'माघ सप्तमी' के पवित्र नामों से भी जाना जाता है।

अचला सप्तमीसूर्य-जयंतीआरोग्य सप्तमी
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रथ सप्तमी क्या है और यह कब मनाई जाती है?

माघ महीने के शुक्ल पक्ष की 7वीं तिथि (सप्तमी) को रथ सप्तमी मनाई जाती है। यह भगवान सूर्य देव की पूजा का सबसे बड़ा और पवित्र दिन है, जिसका पुण्य सूर्य-ग्रहण के बराबर होता है।

रथ सप्तमीमाघ माससूर्य पूजा
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अनंत चतुर्दशी क्या है और क्यों मनाई जाती है?

यह भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष में भगवान विष्णु के 'अनन्त' स्वरूप की पूजा का दिन है। यह पर्व ब्रह्मांडीय शक्तियों से जुड़ने और भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए मनाया जाता है।

अनंत चतुर्दशीभाद्रपद मासपरब्रह्म
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ज्योतिष में नल योग क्या होता है?

यह ज्योतिष का एक बहुत दुर्लभ योग है, जो तब बनता है जब कुंडली के सातों मुख्य ग्रह केवल द्विस्वभाव राशियों में बैठे हों। यह इंसान को बहुत चालाक और समझदार बनाता है。

नल योगनाभस योगआश्रय योग
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धर्म-कर्माधिपति योग क्या है?

कुंडली के 9वें भाव (धर्म/भाग्य) और 10वें भाव (कर्म/करियर) के स्वामियों के शुभ मिलन से बनने वाले सबसे शक्तिशाली योग को धर्म-कर्माधिपति योग कहते हैं।

धर्म-कर्माधिपतिराजयोगवैदिक ज्योतिष
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'काहल' या 'कहल' शब्द का असली अर्थ क्या है?

'काहल' का असली अर्थ युद्ध के समय बजाए जाने वाले 'नगाड़े' या 'रणभेरी' से है। इस योग वाले व्यक्ति का नाम और यश भी नगाड़े की गूंज की तरह दूर-दूर तक फैलता है।

काहल अर्थरणभेरीवाद्य यंत्र
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वैदिक ज्योतिष में 'कहल योग' क्या है?

कहल योग वैदिक ज्योतिष का एक बहुत शक्तिशाली राजयोग है, जो व्यक्ति को समाज में अपार धन, सत्ता, उच्च पद और शानदार नेतृत्व क्षमता देता है।

कहल योगराजयोगवैदिक ज्योतिष
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परिचय — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर परिचय श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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परिचय को गहराई से समझने का तरीका

परिचय प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

11 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।