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देवी पूजन और आवाहन प्रश्नोत्तर — 6 प्रश्न

देवी पूजन और आवाहन से जुड़े 6 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 6 प्रश्न

नवरात्रि में देवी को कौन सी धूप लगानी चाहिए?

देवी को धूप: काले अगरु + कपूर + लाल चंदन + सिह्लक (लोबान) + गुग्गुल को घी में संतृप्त करके बनाई गई धूप। स्थल शुद्धि के लिए गुग्गुल और लोबान की धूप — देवी को अत्यंत प्रिय और नकारात्मक ऊर्जा नाशक।

देवी धूपगुग्गुल अगरुकपूर लाल चंदन
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देवी को बिल्वपत्र कैसे चढ़ाएं?

बिल्वपत्र चढ़ाने की विधि: तीन पत्तियों वाले बेलपत्र पर लाल चंदन से 'ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः' तीन बार लिखकर अर्पित करें। मंत्र: 'ॐ जयन्ती, मङ्गला, काली... एष सचन्दन गन्ध पुष्प बिल्व पत्राञ्जली ॐ ह्रीं दुर्गायै नमः।'

बिल्वपत्रलाल चंदन बीज मंत्रह्रीं भुवनेश्वर्यै
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देवी को पंचामृत स्नान कराने से क्या फल मिलता है?

देवी स्नान के फल (देवी भागवत): ईख का रस = पुनर्जन्म से मुक्ति + लक्ष्मी-सरस्वती का वास। द्राक्षा रस = देवी-लोक में वास। सुगंधित जल = सौ जन्मों के पाप नाश। दूध = एक कल्प क्षीरसागर में निवास। शहद/घी/शर्करा = इस लोक-परलोक में असीम सुख।

पंचामृत स्नानईख का रसद्राक्षा रस
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नवरात्रि में षोडशोपचार पूजा कैसे करें?

षोडशोपचार पूजा (देवी भागवत, एकादश स्कन्ध, अध्याय 18): 1. पीठ पूजा+ध्यान, 2. स्नान, 3. वस्त्र-आभूषण, 4. गंध-कुमकुम-सिंदूर, 5. पुष्प-बिल्वपत्र, 6. धूप-दीप, 7. नैवेद्य-तांबूल, 8. आरती-वाद्य, 9. प्रदक्षिणा-क्षमा प्रार्थना।

षोडशोपचार पूजादेवी भागवत16 उपचार
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माँ शैलपुत्री का मंत्र क्या है?

माँ शैलपुत्री का आवाहन मंत्र: 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नमः।' बीज मंत्र: 'ह्रीं श्रीं शैलपुत्र्यै नमः'

शैलपुत्री मंत्रनवार्ण मंत्रबीज मंत्र
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नवरात्रि के पहले दिन किस देवी की पूजा होती है?

नवरात्रि का पहला दिन (प्रतिपदा) = माँ शैलपुत्री को समर्पित। माता शैलपुत्री = हिमालय की पुत्री। वे मानव की आंतरिक शक्ति, दृढ़ता और प्रकृति की आदि-ऊर्जा की साक्षात् प्रतीक हैं।

नवरात्रि पहला दिनमाँ शैलपुत्रीप्रतिपदा
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देवी पूजन और आवाहन — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर देवी पूजन और आवाहन श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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देवी पूजन और आवाहन को गहराई से समझने का तरीका

देवी पूजन और आवाहन प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

6 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।