विस्तृत उत्तर
देवी को पुष्प अर्पित करने की एक विशिष्ट तांत्रिक विधि है।
बिल्वपत्र (बेलपत्र): साधक को तीन पत्तियों वाले पूर्ण बिल्वपत्र (Tri-leaves) पर लाल चंदन से देवी का बीज मंत्र 'ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः' तीन बार लिखकर अर्पित करना चाहिए।
यदि कोई एक करोड़ ताजे, हरे बिल्वपत्रों से देवी का पूजन करता है, तो वह संपूर्ण ब्रह्मांड का स्वामी बनने की क्षमता प्राप्त कर लेता है।
पुष्प चढ़ाते समय इस मंत्र का गान किया जाता है:
ॐ जयन्ती, मङ्गला, काली, भद्रकाली, कपालिनी। दुर्गा, शिवा, क्षमा, धात्री, स्वाहा, स्वधा नमोऽस्तु ते॥ एष सचन्दन गन्ध पुष्प बिल्व पत्राञ्जली ॐ ह्रीं दुर्गायै नमः॥





