विस्तृत उत्तर
शिव पूजा का प्राण बिल्वपत्र (बेलपत्र) है। शिव पुराण के अनुसार, श्रावण मास में बिल्वपत्र का महत्व सर्वाधिक है।
तीन पत्तियों वाला अखंडित बेलपत्र जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश तथा सत्त्व, रज, तम का प्रतीक है, शिवलिंग पर औंधा (उल्टा) रखकर चढ़ाया जाता है:
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्। त्रिजन्मपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम्॥
अर्थ: तीन पत्तियों वाला, त्रिगुण के आकार वाला, तीन नेत्रों और तीन आयुधों का प्रतीक यह बेलपत्र — तीन जन्मों के पापों का संहार करने वाला है। इसे शिव को अर्पित करता हूँ।
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