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त्रिदल — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 4 प्रश्न

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शिव पूजा विधि

बेलपत्र की तीन पत्तियों का शिव पूजा में क्या प्रतीकात्मक अर्थ है?

तीन पत्तियों के प्रतीकात्मक अर्थ: शिव के त्रिनेत्र। त्रिदेव (ब्रह्मा-विष्णु-महेश)। त्रिगुण (सत्त्व-रज-तम)। तीन शक्तियां (इच्छा-ज्ञान-क्रिया)। त्रिकाल (भूत-वर्तमान-भविष्य)। ॐ के तीन अक्षर (अ-उ-म)। त्रिशूल का प्रतीक। केवल त्रिदलीय बेलपत्र ही शिव को अर्पित करें।

बेलपत्रत्रिदलप्रतीक
शिव उपासना

शिवलिंग पर कितनी बेलपत्र एक बार में चढ़ानी चाहिए

बेलपत्र: न्यूनतम 1 त्रिदल, शुभ 3/5/7/11/21/108। जितने अधिक दल उतना उत्तम। उल्टा (चिकना भाग शिवलिंग पर), डंठल तोड़कर, कटा-फटा वर्जित। 'त्रिदलं त्रिगुणाकारं...' मंत्र। जल धारा साथ अनिवार्य। पुराना धोकर पुनः मान्य। तोड़ना: चतुर्थी/अष्टमी/नवमी/अमावस्या/सोमवार वर्जित।

शिवलिंगबेलपत्रत्रिदल
शिव पूजा

शिव पूजा में बेलपत्र क्यों चढ़ाते हैं?

बेलपत्र क्यों: शिव पुराण — त्रिदल = त्रिमूर्ति + तीन गुण + तीन काल। तीन जन्मों के पाप नष्ट। स्कंद पुराण: सूखे बिल्वपत्र से भी अश्वमेध-फल। लिंग पुराण: बिल्व वृक्ष में शिव-निवास। नियम: त्रिदल, अखंड, डंठल नीचे, सोमवार को तोड़ें।

बेलपत्रबिल्वपत्रशिव
शिव पूजा विधि

बेलपत्र की तीन पत्तियों का शिव पूजा में क्या प्रतीकात्मक अर्थ है?

तीन पत्तियों के प्रतीकात्मक अर्थ: शिव के त्रिनेत्र। त्रिदेव (ब्रह्मा-विष्णु-महेश)। त्रिगुण (सत्त्व-रज-तम)। तीन शक्तियां (इच्छा-ज्ञान-क्रिया)। त्रिकाल (भूत-वर्तमान-भविष्य)। ॐ के तीन अक्षर (अ-उ-म)। त्रिशूल का प्रतीक। केवल त्रिदलीय बेलपत्र ही शिव को अर्पित करें।

बेलपत्रत्रिदलप्रतीक

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।