विस्तृत उत्तर
बिल्व-अर्पण की गोपनीय विधि यह है कि बेलपत्र की डंडी का मुख शिवलिंग की जलाधारी की ओर रखना चाहिए। बेलपत्र चढ़ाते समय यह मंत्र पढ़ें: 'त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् । त्रिजन्मपापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥'।
बेलपत्र की डंडी को जलाधारी (पानी बहने वाली जगह) की तरफ रखकर 'त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्...' मंत्र बोलते हुए बेलपत्र चढ़ाना चाहिए।
बिल्व-अर्पण की गोपनीय विधि यह है कि बेलपत्र की डंडी का मुख शिवलिंग की जलाधारी की ओर रखना चाहिए। बेलपत्र चढ़ाते समय यह मंत्र पढ़ें: 'त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् । त्रिजन्मपापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥'।
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