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शिव पूजा सामग्री📜 शिव पुराण, बिल्वाष्टकम् (शंकराचार्य), पूजा पद्धति1 मिनट पठन

सावन में शिवलिंग पर कितनी बार बेलपत्र चढ़ाएं?

संक्षिप्त उत्तर

1 भी पर्याप्त — 'एकबिल्वं शिवार्पणम्' = 3 जन्म पाप नाश। शुभ: 3/5/8/11/21/108। सावन प्रतिदिन। त्रिदल, अखंडित, उल्टा चढ़ाएं। सोमवार/चतुर्दशी/अमावस्या को न तोड़ें।

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विस्तृत उत्तर

बेलपत्र चढ़ाने की संख्या:

न्यूनतम

  • 1 त्रिदल बेलपत्र = तीन जन्मों के पाप नाश (बिल्वाष्टकम्: 'एकबिल्वं शिवार्पणम्')। एक भी पर्याप्त।

शुभ संख्या

  • 3 बेलपत्र — त्रिदेव/त्रिगुण प्रतीक।
  • 5 बेलपत्र — पंचतत्व।
  • 8 बेलपत्र — बिल्वाष्टकम् स्तोत्र (8 श्लोक = 8 पत्र)।
  • 11 बेलपत्र — एकादश रुद्र।
  • 21 बेलपत्र — विशेष मनोकामना।
  • 108 बेलपत्र — अर्चना (अष्टोत्तर)।

सावन विशेष

सावन में प्रतिदिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना अत्यंत शुभ। कोई निश्चित संख्या बाध्यकारी नहीं — 1 भी पर्याप्त, 108 भी शुभ।

नियम: Webdunia शोध: त्रिदल (तीन पत्ती) अखंडित हो। बेलपत्र उल्टा (चिकना भाग ऊपर) चढ़ाएं। चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या, संक्रांति, सोमवार को बेलपत्र न तोड़ें — पहले से तोड़ा रखें।

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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण, बिल्वाष्टकम् (शंकराचार्य), पूजा पद्धति
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