विस्तृत उत्तर
बेलपत्र चढ़ाने की संख्या:
न्यूनतम
- ▸1 त्रिदल बेलपत्र = तीन जन्मों के पाप नाश (बिल्वाष्टकम्: 'एकबिल्वं शिवार्पणम्')। एक भी पर्याप्त।
शुभ संख्या
- ▸3 बेलपत्र — त्रिदेव/त्रिगुण प्रतीक।
- ▸5 बेलपत्र — पंचतत्व।
- ▸8 बेलपत्र — बिल्वाष्टकम् स्तोत्र (8 श्लोक = 8 पत्र)।
- ▸11 बेलपत्र — एकादश रुद्र।
- ▸21 बेलपत्र — विशेष मनोकामना।
- ▸108 बेलपत्र — अर्चना (अष्टोत्तर)।
सावन विशेष
सावन में प्रतिदिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना अत्यंत शुभ। कोई निश्चित संख्या बाध्यकारी नहीं — 1 भी पर्याप्त, 108 भी शुभ।
नियम: Webdunia शोध: त्रिदल (तीन पत्ती) अखंडित हो। बेलपत्र उल्टा (चिकना भाग ऊपर) चढ़ाएं। चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या, संक्रांति, सोमवार को बेलपत्र न तोड़ें — पहले से तोड़ा रखें।





