विस्तृत उत्तर
दक्षिणमुखी (दाईं सूंड) गणेश = सिद्धि विनायक — विशेष सावधानी:
- 1नियमित पूजा अनिवार्य: एक दिन भी न छोड़ें। अनियमितता = अशुभ।
- 2शुद्धता कठोर: स्नान, ब्रह्मचर्य, सात्विक आहार अनिवार्य।
- 3पूजा समय निश्चित: प्रतिदिन एक ही समय।
- 4भोग नियमित: मोदक/लड्डू प्रतिदिन।
- 5मंत्र शुद्धता: अशुद्ध उच्चारण = विपरीत फल।
- 6गुरु मार्गदर्शन: दाईं सूंड गणेश स्थापना गुरु दीक्षा से करें।
- 7स्थापना न बदलें: एक बार स्थापित = स्थायी।
सार: सामान्य गृहस्थ बाईं सूंड ही रखें। दाईं सूंड = गहन साधक/तांत्रिक।





