विस्तृत उत्तर
गणेश चालीसा भगवान गणेश की स्तुति में रचित 40 चौपाइयों का संग्रह है। इसका नियमित पाठ विघ्न नाश और बुद्धि वृद्धि करता है।
पाठ विधि
- 1स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।
- 2गणेश जी के चित्र/प्रतिमा के सामने पूर्व या उत्तर दिशा में बैठें।
- 3दीपक (घी का) जलाएं, धूप लगाएं।
- 4गणेश जी को सिंदूर, दूर्वा, मोदक अर्पित करें।
- 5हाथ जोड़कर 'ॐ गं गणपतये नमः' 3 बार बोलें।
- 6गणेश चालीसा का शुद्ध उच्चारण के साथ पाठ करें।
- 7पाठ पश्चात आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
नियम
- ▸बुधवार को पाठ विशेष शुभ (गणेश का दिन)।
- ▸संकष्टी चतुर्थी और गणेश चतुर्थी पर विशेष फलदायी।
- ▸प्रतिदिन प्रातःकाल या सायंकाल एक निश्चित समय पर पढ़ें।
- ▸पाठ के दौरान मन एकाग्र रखें, इधर-उधर न देखें।
- ▸तुलसी गणेश पूजा में वर्जित — अर्पित न करें।
- ▸सात्विक आहार पाठ काल में श्रेष्ठ।
- ▸21 या 40 दिन निरंतर पाठ करने से विशेष फल।
फल: विघ्न नाश, बुद्धि वृद्धि, शिक्षा में सफलता, व्यापार लाभ, मानसिक शांति, ग्रह दोष शांति।





