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गणेश पूजा📜 ज्योतिष शास्त्र, गणेश पुराण, पूजा विधि2 मिनट पठन

बुधवार को गणेश पूजा करने का क्या विशेष विधान है?

संक्षिप्त उत्तर

बुधवार = बुद्धि दिवस, गणेश = बुद्धि देवता। विधान: पंचामृत अभिषेक, सिंदूर, 21 दूर्वा, मोदक, 108 जप, अथर्वशीर्ष/चालीसा, हरे मूंग प्रसाद। 21 बुधवार व्रत = मनोकामना पूर्ति। फल: बुद्धि, वाक्शक्ति, व्यापार लाभ, बुध शांति।

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विस्तृत उत्तर

बुधवार (बुध वार) भगवान गणेश का विशेष दिन माना गया है:

बुधवार और गणेश का संबंध

ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार का कारक है। गणेश जी बुद्धि और विद्या के देवता हैं — इसलिए बुधवार गणेश पूजा के लिए सर्वोत्तम।

विशेष विधान

  1. 1प्रातः स्नान करके हरे या पीले वस्त्र धारण करें।
  2. 2गणेश प्रतिमा को पंचामृत स्नान कराएं।
  3. 3सिंदूर तिलक लगाएं।
  4. 4दूर्वा (दूब घास) 21 गांठों वाली अर्पित करें — गणेश को अत्यंत प्रिय।
  5. 5मोदक/लड्डू का भोग लगाएं।
  6. 6'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र 108 बार जप।
  7. 7गणेश अथर्वशीर्ष या संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ।
  8. 8हरे मूंग का प्रसाद बांटें (बुध ग्रह शांति हेतु)।
  9. 9गणेश चालीसा पाठ।
  10. 10दान: हरे रंग की वस्तुएं, मूंग दाल, केला।

विशेष व्रत: जो व्यक्ति 21 बुधवार लगातार गणेश व्रत करे, उसकी मनोकामना पूर्ण होती है।

फल: बुद्धि वृद्धि, वाणी में प्रभाव, व्यापार में लाभ, विघ्न नाश, बुध ग्रह शांति।

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शास्त्रीय स्रोत
ज्योतिष शास्त्र, गणेश पुराण, पूजा विधि
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