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गणेश पूजा📜 वास्तु शास्त्र, गणेश पूजा परंपरा1 मिनट पठन

गणेश जी की मूर्ति घर में किस दिशा में रखनी चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

ईशान कोण (उत्तर-पूर्व)। मुख पूर्व/उत्तर। बाईं सूंड = गृहस्थ (सौम्य)। लक्ष्मी के बाईं ओर। प्रवेश द्वार = बाधा निवारक। शयनकक्ष में नहीं।

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विस्तृत उत्तर

गणेश प्रतिमा की दिशा:

सर्वोत्तम: ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) — सभी देवताओं हेतु सर्वोत्तम।

नियम

  • मुख पूर्व या उत्तर — भक्त पश्चिम/दक्षिण मुख।
  • सूंड दिशा: बाईं सूंड (वाम मुखी) = गृहस्थ हेतु सर्वोत्तम (सौम्य)। दाहिनी सूंड = सिद्ध गणपति (कठिन पूजा नियम)।
  • लक्ष्मी के बाईं ओर (दीपावली)।
  • प्रवेश द्वार पर = बाधा निवारक (मुख बाहर)।
  • शयनकक्ष में न रखें।
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शास्त्रीय स्रोत
वास्तु शास्त्र, गणेश पूजा परंपरा
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