ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
गणेश पूजा📜 यंत्र शास्त्र, गणेश पुराण, तंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

गणेश यंत्र स्थापित करने की विधि और लाभ क्या हैं?

संक्षिप्त उत्तर

शुभ मुहूर्त: बुधवार/चतुर्थी। शुद्धि: गंगाजल+पंचामृत। पूर्व/उत्तर दिशा, लाल कपड़े पर। सिंदूर तिलक, दूर्वा, 108 जप। लाभ: विघ्न नाश, व्यापार उन्नति, ऋण मुक्ति, बुद्धि, वास्तु शांति। प्रतिदिन पूजा अनिवार्य।

📖

विस्तृत उत्तर

गणेश यंत्र भगवान गणेश की शक्ति का ज्यामितीय प्रतीक है। इसे घर, दुकान या कार्यालय में स्थापित करने से विघ्न नाश और समृद्धि प्राप्त होती है।

स्थापना विधि

  1. 1शुभ मुहूर्त: बुधवार, गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी, दीपावली।
  2. 2शुद्धि: यंत्र को गंगाजल, दूध और पंचामृत से धोएं।
  3. 3स्थान: पूजा घर, दुकान का प्रवेश द्वार, या कार्यालय में पूर्व/उत्तर दिशा।
  4. 4स्थापना: लाल या पीले कपड़े पर यंत्र रखें। सिंदूर से तिलक करें। दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
  5. 5मंत्र: 'ॐ गं गणपतये नमः' 108 बार जप।
  6. 6प्रतिदिन पूजा: दीपक, दूर्वा, प्रसाद। न्यूनतम प्रणाम अवश्य।

लाभ

  • सभी कार्यों में विघ्न निवारण।
  • व्यापार और नौकरी में उन्नति।
  • ऋण मुक्ति और आर्थिक समृद्धि।
  • बुद्धि वृद्धि और शिक्षा में सफलता।
  • वास्तु दोष निवारण।
  • नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा।

ध्यान रखें: सिद्ध (प्राण प्रतिष्ठित) यंत्र किसी विद्वान पंडित/गुरु से प्राप्त करना सर्वोत्तम। स्थापना पश्चात प्रतिदिन पूजा अनिवार्य।

📜
शास्त्रीय स्रोत
यंत्र शास्त्र, गणेश पुराण, तंत्र शास्त्र
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

गणेश यंत्रस्थापनाविघ्न नाशयंत्र

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

गणेश यंत्र स्थापित करने की विधि और लाभ क्या हैं — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको गणेश पूजा से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर यंत्र शास्त्र, गणेश पुराण, तंत्र शास्त्र पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।