विस्तृत उत्तर
गणेश यंत्र भगवान गणेश की शक्ति का ज्यामितीय प्रतीक है। इसे घर, दुकान या कार्यालय में स्थापित करने से विघ्न नाश और समृद्धि प्राप्त होती है।
स्थापना विधि
- 1शुभ मुहूर्त: बुधवार, गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी, दीपावली।
- 2शुद्धि: यंत्र को गंगाजल, दूध और पंचामृत से धोएं।
- 3स्थान: पूजा घर, दुकान का प्रवेश द्वार, या कार्यालय में पूर्व/उत्तर दिशा।
- 4स्थापना: लाल या पीले कपड़े पर यंत्र रखें। सिंदूर से तिलक करें। दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
- 5मंत्र: 'ॐ गं गणपतये नमः' 108 बार जप।
- 6प्रतिदिन पूजा: दीपक, दूर्वा, प्रसाद। न्यूनतम प्रणाम अवश्य।
लाभ
- ▸सभी कार्यों में विघ्न निवारण।
- ▸व्यापार और नौकरी में उन्नति।
- ▸ऋण मुक्ति और आर्थिक समृद्धि।
- ▸बुद्धि वृद्धि और शिक्षा में सफलता।
- ▸वास्तु दोष निवारण।
- ▸नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा।
ध्यान रखें: सिद्ध (प्राण प्रतिष्ठित) यंत्र किसी विद्वान पंडित/गुरु से प्राप्त करना सर्वोत्तम। स्थापना पश्चात प्रतिदिन पूजा अनिवार्य।




