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गणेश यंत्र स्थापित करने की विधि और लाभ क्या हैं?

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शुभ मुहूर्त: बुधवार/चतुर्थी। शुद्धि: गंगाजल+पंचामृत। पूर्व/उत्तर दिशा, लाल कपड़े पर। सिंदूर तिलक, दूर्वा, 108 जप। लाभ: विघ्न नाश, व्यापार उन्नति, ऋण मुक्ति, बुद्धि, वास्तु शांति। प्रतिदिन पूजा अनिवार्य।

  1. 1शुभ मुहूर्त: बुधवार, गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी, दीपावली।
  2. 2शुद्धि: यंत्र को गंगाजल, दूध और पंचामृत से धोएं।
  3. 3स्थान: पूजा घर, दुकान का प्रवेश द्वार, या कार्यालय में पूर्व/उत्तर दिशा।
  4. 4स्थापना: लाल या पीले कपड़े पर यंत्र रखें। सिंदूर से तिलक करें। दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
  5. 5मंत्र: 'ॐ गं गणपतये नमः' 108 बार जप।
  6. 6प्रतिदिन पूजा: दीपक, दूर्वा, प्रसाद। न्यूनतम प्रणाम अवश्य।
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गणेश पूजा

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