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यंत्र📜 यंत्र शास्त्र, शिव पुराण1 मिनट पठन

महामृत्युंजय यंत्र स्थापित करने की विधि क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

सोमवार/शिवरात्रि/श्रावण। गंगाजल+पंचामृत शुद्धि। पूर्व/उत्तर दिशा। बिल्वपत्र, दूध। प्राण प्रतिष्ठा + महामृत्युंजय 108। नित्य जलाभिषेक+11/21 जप। लाभ: मृत्यु भय, रोग, ग्रह शांति, दीर्घायु।

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विस्तृत उत्तर

महामृत्युंजय यंत्र = भगवान शिव (मृत्युंजय) की शक्ति का ज्यामितीय प्रतीक।

स्थापना विधि

  1. 1शुभ मुहूर्त: सोमवार, महाशिवरात्रि, प्रदोष, श्रावण मास।
  2. 2शुद्धि: गंगाजल + पंचामृत + दूध से यंत्र स्नान।
  3. 3स्थान: पूजा घर, पूर्व/उत्तर दिशा, लाल/श्वेत कपड़े पर।
  4. 4पूजन: बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, दूध अर्पित (शिव को प्रिय)।
  5. 5प्राण प्रतिष्ठा मंत्र + महामृत्युंजय मंत्र 108 बार।
  6. 6हवन: घी + तिल + महामृत्युंजय मंत्र आहुतियां।
  7. 7प्रतिदिन: जलाभिषेक + महामृत्युंजय 11/21 बार।

लाभ: अकाल मृत्यु भय निवारण, रोग मुक्ति, ग्रह शांति, दीर्घायु, भय नाश। गंभीर रोगी के कमरे में = विशेष लाभ।

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शास्त्रीय स्रोत
यंत्र शास्त्र, शिव पुराण
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