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यंत्र📜 यंत्र शास्त्र, कुबेर पूजा परंपरा1 मिनट पठन

कुबेर यंत्र से धन प्राप्ति कैसे होती है?

संक्षिप्त उत्तर

कुबेर = धन देवता। उत्तर दिशा, तिजोरी/गल्ले में। धनतेरस/दीपावली/अक्षय तृतीया। 'ॐ कुबेराय नमः' 108। फल: धन वृद्धि, व्यापार, ऋण मुक्ति। मेहनत + यंत्र = धन।

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विस्तृत उत्तर

कुबेर = धन के देवता (देवताओं के कोषाध्यक्ष)। कुबेर यंत्र = धन आकर्षण।

स्थापना

  1. 1धनतेरस/दीपावली/अक्षय तृतीया — सर्वोत्तम।
  2. 2उत्तर दिशा — कुबेर = उत्तर दिशा के अधिपति।
  3. 3तिजोरी/गल्ले/कार्यालय में।
  4. 4गंगाजल शुद्धि → पीले कपड़े → पीले पुष्प।
  5. 5'ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः' 108 बार।
  6. 6या 'ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा'

नित्य: दीपक + धूप + 'ॐ कुबेराय नमः' 108।

फल: धन वृद्धि, आर्थिक स्थिरता, व्यापार लाभ, ऋण मुक्ति।

ध्यान रखें: कुबेर यंत्र = सहायक। मेहनत + बुद्धि + यंत्र = धन। केवल यंत्र बिना कर्म = निष्फल।

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शास्त्रीय स्रोत
यंत्र शास्त्र, कुबेर पूजा परंपरा
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