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यंत्र📜 यंत्र शास्त्र, तंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

तंत्र में ताम्रपत्र पर यंत्र उत्कीर्ण करने की विधि क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

ताम्र: शुक्र धातु, विद्युत सुचालक, antibacterial, दीर्घायु। विधि: शुभ मुहूर्त, शुद्ध ताम्र, सटीक ज्यामिति, मंत्र जप सहित उत्कीर्ण, बीज अंकन, प्राण प्रतिष्ठा। विशेषज्ञ से बनवाएं — स्वयं न बनाएं।

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विस्तृत उत्तर

ताम्रपत्र (copper plate) = यंत्र उत्कीर्ण का सर्वाधिक प्रचलित माध्यम:

क्यों ताम्र

  1. 1ताम्र = शुक्र ग्रह धातु — शुभ, लक्ष्मी प्रिय।
  2. 2विद्युत सुचालक — ऊर्जा संचरण उत्तम।
  3. 3Antibacterial — शुद्ध रहता है।
  4. 4दीर्घायु — सैकड़ों वर्ष टिकाऊ।

उत्कीर्ण विधि

  1. 1शुभ मुहूर्त: देवता के दिन/तिथि।
  2. 2शुद्ध ताम्रपत्र: नया, शुद्ध ताम्र — मिलावटी नहीं।
  3. 3यंत्र ज्यामिति: सटीक ज्यामिति अनिवार्य — एक रेखा गलत = यंत्र दोषपूर्ण।
  4. 4मंत्र जप सहित: उत्कीर्ण करते समय मंत्र जप = यंत्र में प्राण।
  5. 5बीज मंत्र अंकन: यंत्र के खानों/त्रिकोणों में बीज अक्षर।
  6. 6प्राण प्रतिष्ठा: उत्कीर्ण पश्चात प्राण प्रतिष्ठा अनिवार्य।

अन्य धातु: सोना (सर्वोत्तम, महंगा), चांदी (चंद्र/शांति), पंचधातु (मिश्र)।

ध्यान रखें: यंत्र उत्कीर्ण = विशेषज्ञ कार्य। स्वयं न बनाएं — विद्वान/गुरु से बनवाएं। गलत यंत्र = हानिकारक।

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शास्त्रीय स्रोत
यंत्र शास्त्र, तंत्र शास्त्र
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