ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
यंत्र साधना📜 तंत्र शास्त्र, यंत्र निर्माण, शोध: SriMandir/AstroMantra (यंत्र सामग्री)1 मिनट पठन

तंत्र में स्वर्ण पत्र पर यंत्र बनाने का क्या विधान है?

संक्षिप्त उत्तर

सर्वोत्तम (स्वर्ण>रजत>ताम्र>भोजपत्र)। सात्विक, अविनाशी, लक्ष्मी=सोना, सूर्य ऊर्जा। दीपावली/नवरात्रि/अक्षय तृतीया। सिद्ध शिल्पी। प्राण प्रतिष्ठा+सवा लाख। व्यावहारिक: ताम्र = प्रभावी विकल्प।

📖

विस्तृत उत्तर

स्वर्ण पत्र = यंत्र निर्माण का सर्वोत्तम माध्यम:

श्रेष्ठता क्रम (शोध — SriMandir/AstroMantra verified)

स्वर्ण > रजत (चांदी) > ताम्र (तांबा) > पंचधातु > भोजपत्र > कागज।

स्वर्ण विशेष

  1. 1सात्विकता: सोना = सबसे सात्विक धातु — ऊर्जा संग्रह सर्वोत्तम।
  2. 2अविनाशी: जंग/क्षय नहीं — यंत्र चिरस्थायी।
  3. 3लक्ष्मी/देवी: सोना = लक्ष्मी प्रतीक — श्री यंत्र स्वर्ण पर = सर्वश्रेष्ठ।
  4. 4ग्रह: सोना = सूर्य — सूर्य ऊर्जा।

विधान

  • शुद्ध स्वर्ण पत्र (24K/22K)।
  • शुभ मुहूर्त (दीपावली/नवरात्रि/अक्षय तृतीया)।
  • सिद्ध शिल्पी/पुरोहित द्वारा ज्यामिति + बीजाक्षर उत्कीर्ण।
  • प्राण प्रतिष्ठा + सवा लाख जप।

व्यावहारिक: स्वर्ण महंगा → ताम्रपत्र = सर्वप्रचलित + प्रभावी विकल्प।

📜
शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, यंत्र निर्माण, शोध: SriMandir/AstroMantra (यंत्र सामग्री)
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

स्वर्णपत्रयंत्रविधानसोना

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

तंत्र में स्वर्ण पत्र पर यंत्र बनाने का क्या विधान है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको यंत्र साधना से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर तंत्र शास्त्र, यंत्र निर्माण, शोध: SriMandir/AstroMantra (यंत्र सामग्री) पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।