विस्तृत उत्तर
श्री यंत्र ध्यान = सर्वोच्च यंत्र ध्यान:
विधि
- 1श्री यंत्र सामने (दीवार/स्टैंड) — आंखों की ऊंचाई पर।
- 2घी दीपक जलाएं। लाल/गुलाबी आसन।
- 3बाहर→अंदर: भूपुर (बाहरी वर्ग) से देखना शुरू → 16 दल → 8 दल → त्रिकोण → बिंदु (केंद्र) तक ध्यान ले जाएं।
- 4बिंदु पर एकाग्र: बिंदु = ललिता/लक्ष्मी। यहीं ध्यान स्थिर।
- 5'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं' मानस जप — बिंदु पर।
- 6आंखें: खुली (त्राटक) या अर्ध-बंद। 10-20 मिनट।
- 7अंत: बिंदु से बाहर (अंदर→बाहर) — धीरे-धीरे।
उन्नत: नवावरण पूजा = 9 आवरण → 9 देवता समूह → बिंदु (ललिता) = श्री विद्या साधना। गुरु अनिवार्य।
लाभ: एकाग्रता, शांति, धन, सौभाग्य, मोक्ष।





